मतगणना एजेंटों की जांच कराना चुनौती
बिजनौर। पंचायत चुनाव की मतगणना पांच दिन बाद है। प्रशासन ने मतगणना की तैयारी पूरी कर ली है। एक-दो दिन में एजेंट नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होनी है। दावेदार मतगणना में कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट पर ही एजेंट को प्रवेश मिलने से बेचैन है। उनका कहना है कि तीन दिन में 22 हजार से अधिक एजेंट का कोरोना टेस्ट होना बड़ी चुनौती है।
प्रशासन ने पंचायत चुनाव की मतगणना की मतगणना केंद्र, कर्मचारियों की नियुक्ति, प्रशिक्षण आदि का कार्यक्रम तय कर लिया गया है। एक दो दिन में मतगणना एजेंट की नियुक्ति की भी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस समय कोरोना का प्रकोप जोरों पर है। प्रशासन मतगणना केंद्रों पर कोविड -19 से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने में लगा है। मतगणना के दौरान दावेदारों के एजेंट को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। पंचायत चुनाव में प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों का एक-एक एजेंट रहता है। इस प्रकार 11 मतगणना केंद्रों पर प्रधान पद के 7570, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के 5428, ग्राम पंचायत सदस्य पद के 9134, जिला पंचायत सदस्य पद के 857 एजेंट होंगे। सभी ब्लॉक में कुल 22989 एजेंट होंगे।
दावेदारों के अनुसार ब्लॉक में उन्हें बताया जा रहा है कि एजेंट की कोविड -19 की जांच 72 घंटे पहले की ही मान्य होगी। इससे दावेदारों की नींद उड़ी है। उनका कहना है कि इस समय अस्पतालों में कोरोना की जांच कराने को लेकर मारामारी है। तीन दिन में 22 हजार से अधिक एजेंट की कोरोना जांच होना कठिन कार्य है। प्रशासन कोरोना जांच के लिए ब्लाक के सीएचसी व पीएचसी में जांच टीम की अतिरिक्त व्यवस्था करें। सीडीओ केपी सिंह का कहना है कि चुनाव आयोग के एजेंट का कोरोना टेस्ट कराने के बारे में आदेश नहीं मिले हैं। मतगणना केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी। यदि मतगणना केंद्र पर आने वाले किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उसे जांच के लिए भेजा जाएगा।