चुनौती: चार दिन में 45 हजार छात्रों के अंक करने होंगे अपलोड
बिजनौर। कोरोना कर्फ्यू में साइबर कैफे बंद हैं। स्कूलों को इस दौरान इंटर के 44 हजार से अधिक छात्रों के अंक वेबसाइट पर अपलोड करना जी का जंजाल बन गया है। यूपी बोर्ड ने प्री-बोर्ड तथा कक्षा 11 की छमाही तथा सालाना परीक्षा के अंक परिषद वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। अपलोड नहीं होने पर डीआईओएस को जिम्मेदार माना जाएगा।
कोरोना कर्फ्यू को देखते हुए यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा कराने को लेकर असमंजस बना है। करीब एक सप्ताह पहले बोर्ड ने हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के प्री बोर्ड व कक्षा नौ के छमाही व सालाना परीक्षा के अंक परिषद वेबसाइट पर अपलोड कराए थे। कोरोना कर्फ्यू चल रहा है। साइबर कैफे बंद हैं। सभी स्कूलों के पास अंक अपलोड करने की अपनी व्यवस्था नहीं है। स्कूल साइबर कैफे पर अंक अपलोड कराते हैं। अब शासन ने इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के प्री-बोर्ड व कक्षा 11 की छमाही व सालाना परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। जिले के 387 विद्यालयों में वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा के लिए 44171 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन छात्रों के प्राप्तांक व पूर्णांक 28 मई तक अपलोड होने हैं। बोर्ड सचिव के निर्देश के अनुसार अंक अपलोड नहीं होने पर सीधे डीआईओएस जिम्मेदार होंगे। डीआईओएस राजेश कुमार का कहना है कि इस बारे में स्कूलों को निर्देश भेज दिए हैं। नोडल अधिकारी रोजाना रिपोर्ट देंगे।