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केंद्र ने मिलों को चीनी निर्यात का कोटा किया जारी

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केंद्र ने मिलों को चीनी निर्यात का कोटा किया जारी
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बिजनौर। चीनी निर्यात के लिए केंद्र सरकार ने कोटा जारी कर दिया है। जिले की चीनी मिलों को भी कोटा मिला है। हालांकि विदेश भेजने के नाम पर मिलों को देश में निर्धारित न्यूनतम मूल्य से भी कम रेट मिलेगा। सरकार ने चीनी पर दी जाने वाली सब्सिडी दस रुपये प्रति किग्रा से घटाकर छह रुपये कर दी है। नुकसान होने के बाद भी मिलें नए बाजार की आस में विदेशों में चीनी आपूर्ति करने के लिए माल बनाने में जुट गई हैं।
गन्ने का रकबा अधिक होने से इस साल भी मिलों की मुसीबत कम नहीं हो रही हैं। दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन की वजह से कई राज्यों को चीनी नहीं जा पा रही है। इससे चीनी का बाजार भी प्रभावित हुआ है और दाम न्यूनतम स्तर 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर जा पहुंचे हैं। केंद्र सरकार ने चीनी निर्यात करने के लिए सब्सिडी की घोषणा की है। इसके अनुसार मिलों को निर्यात की जाने वाली चीनी का कोटा भी आवंटित कर दिया गया है। देश में चीनी 3100 रुपये प्रति क्विंटल से कम नहीं बिक सकती है लेकिन विदेश को चीनी 100 रुपये प्रति क्विंटल और सस्ती बिकेगी। पिछले साल अंतराष्ट्रीय स्तर पर चीनी के दाम 2400 रुपये प्रति क्विंटल थे। सरकार ने निर्यात पर प्रति किलो चीनी पर दस रुपये की सब्सिडी देने की घोषणा की थी। यानी मिलों की चीनी 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिले। इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में यहीं दाम हैं लेकिन सरकार ने सब्सिडी चार रुपये प्रति किलो तक कम कर दी है। अब निर्यात की गई चीनी का दाम तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा यानि देश के बाजार से भी 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती। इससे मिलों को नुकसान होगा लेकिन वे नए बाजार की तलाश में इतना नुकसान भी उठाने को तैयार हैं।
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चीनी मिल कोटा
बिजनौर 8076
धामपुर 47500
स्योहारा 43632
नजीबाबाद 11794
द्वारिकेष 26789
चांदपुर 13414
बिलाई 30359
कुल 181564
नोट: वजन टन में हैै और आंकड़ा गन्ना विभाग से लिया गया है।
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स्थानीय बाजार पर निर्भरता होगी कम
चीनी विदेशों में जाने से मिलों को बहुत फायदा होगा। गोदाम तो खाली होंगे ही स्थानीय बाजार में निर्भरता कम हो जाएगी। कोरोना की वजह से पिछले साल अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी के दाम गिरे थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
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माल बिकेगा तो समय से करेंगे भुगतान
बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार चीनी निर्यात करने से पैसा जल्दी मिलेगा जिससे किसानों का भुगतान समय से किया जाएगा। मिल में रॉ शुगर बनानी शुरू कर दी गई है।
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