बिजनौर। सीबीएसई ने लॉकडाउन में छात्रों की होने वाली पढ़ाई के संभावित नुकसान की भरपाई के लिए योजना तैयार कर ली है। इस क्रम में शैक्षणिक सत्र 2020-21 का हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट का सिलेबस कम कर दिया है। पेपर में सवालों की प्रतिशत संख्या निर्धारित कर दी है। कॉलेज ने निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया गया है।
जिले में सीबीएसई के 101 विद्यालय हैं। कोविड-19 महामारी के चलते विद्यालय बंद है। माडर्न एरा पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या सीमा विश्वास ने बताया कि लॉकडाउन के कारण हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के वर्ष 2020 परीक्षा के पेपर होने से रह गए हैं। कापी के जांचने का काम भी रुका है। नया सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया है, परंतु लॉकडाउन के कारण रूटीन वर्क प्रभावित है।
बोर्ड ने इस परिस्थितियों से छात्रों की पढ़ाई का होने वाले नुकसान का आकलन करते हुए भरपाई के लिए निर्देश जारी किए हैं। बताया कि शैक्षिक सत्र 2020-21 के लिए हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट का सिलेबस कम हो गया है। परीक्षा के पेपर में बदलाव है। कक्षा नौ, दस, ग्यारह तथा बारह के पेपर में मल्टिपल प्रश्न समेत आब्जेक्टिव प्रश्न 20 प्रतिशत, केस बेस्ड/ सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड प्रश्न 10 प्रतिशत होंगे। बाकी शॉर्ट तथा लांग उत्तर के प्रश्न रहेंगे। बताया कि जिले के छह केंद्रों पर दसवीं तथा बारहवीं की कापियों के जांचने की प्रक्रिया लॉकडाउन खुलने के बाद शुरू हो जाएगा। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार कापियां रविवार में भी जांची जाएंगी। बोर्ड की मंशा है कि परीक्षाफल जल्द घोषित हो। सीमा विश्वास ने बताया कि बोर्ड के निर्देशों की जानकारी शिक्षकों को दी जा रही है।