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मुर्गियों के बाडे़ में घुसा गुलदार पकड़ा

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शेरकोट के गांव नाथाडोई में बाड़े में बंद गुलदार - फोटो : DHAMPUR
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मुर्गियों के बाडे़ में घुसा गुलदार पकड़ा
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शेरकोट (बिजनौर)। वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को ग्रामीणों के सहयोग से गांव नाथाडोई में मुर्गियों के बाड़े में घुसे गुलदार को छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया। वन विभाग के अधिकारी गुलदार को पिंजरे में बंद कर अपने साथ ले गए। गुलदार का परीक्षण कराने के बाद उसे अमानगढ़ रेंज के वनों में छोड़ दिया।
नाथाडोई के रघुवीर सिंह ने गांव में मुर्गी फार्म चला रखा है। बताया गया कि रात में किसी समय गुलदार पास में खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ से कूद कर मुर्गियों के बाड़े में जा घुसा। बाड़े में घुसने के बाद गुलदार ने कई मुर्गियों को मार डाला। वहां पर रघुवीर सिंह अपने पिता के साथ सोया था। जब मुर्गियों के चीखने और चिल्लाने की आवाज हुई तो उसकी आंख खुल गई। उन्होंने रोशनी कर देखा तो गुलदार नजर आया। दोनों चुपके से बाहर निकले और बाड़े के गेट को बंद कर दिया। सूचना पर ग्रामीण एकत्र होकर मौके पर पहुंचे। ग्रामप्रधान पवन कुमार व अन्य ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी।
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सूचना पर वन विभाग के अधिकारी टीम के साथ पिंजरा लेकर मौके पर पहुंचे। वन दारोगा लक्ष्मीचंद ने बताया कि वह सात बजे मौके पर पहुंचे और एक बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में बंद किया। डीएफओ के निर्देशन में गुलदार का चिकित्सीय परीक्षण करने के बाद उसे अमानगढ़ रेंज में छुड़वा दिया। वन दारोगा ने बताया कि गुलदार की आयु करीब तीन साल है।
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ग्रामीण समझ रहे थे बिज्जू, गुलदार देखा तो उड़ गए होश
ग्रामीणों ने बताया कि पहले तो उन्होंने बिज्जू समझ डंडे से भगाने का प्रयास किया। किंतु जब गुलदार देखा तो उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के जंगल में गुलदार पिछले कई दिनों से नजर आ रहा था। इसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को भी दी थी। पर वन विभाग के अधिकारियों ने उसे पकड़ने में रुचि नहीं दिखाई। मुर्गियों के बाडे़ में फंसने के बाद गुलदार पकड़ा गया।
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