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कैश लेने के लिए ग्राहकों में धक्का-मुक्की

Mon, 16 Jan 2017 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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अफजलगढ़ पीएनबी के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर के धामपुर व अफजलगढ़ में नोटबंदी के 69 दिन व्यतीत होने के बाद भी बैंकों में लगातार भीड़ बढ़ रही है। ग्राहकों को कैश नहीं मिलने के कारण काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को अवकाश  के बाद बैंक खुलते ही कैश लेने के लिए लंबी कतारें लग गई। ग्राहकों में धक्कामुक्की हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने बैंकों में पहुंचकर स्थिति को संभाला। 
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दो दिन के अवकाश के बाद धामपुर में सोमवार को बैँक खुले। सोमवार को अधिकांश ग्राहकों को कैश नहीं मिला। ग्राहक मितान सिंह, सुरेंद्र कुमार, सुंदर सिंह ने बताया कि बैँक अधिकारियों की मनमानी से लोग परेशान है। अधिकांश बैंकों के एटीएम  बंद रहे। कुछ बैँकों के एटीएम दुपहर बाद खुले पर कुछ समय के बाद बंद कर दिए गए। पूरे दिन नगर का कोई एटीएम नहीं चल सका।सोमवार को अफजलगढ़ में ग्राहक पीएनबी और स्टेट बैंक के सामने करीब आठ बजे से कड़कड़ाती ठंड के बावजूद लाइनों में आ लगे, जिससे सभी स्टेट बैंक पीएनबी, सर्वयूपी ग्रामीण बैंक, सहकारी बैंकों के सामने सैकड़ों लोग लाइनों में लगने को मजबूर हो गए। ग्राहक साबिर, गुलाम नवी, अफरीद, फईम, फिरोज, शानू, रवि, मुकेश, बलवंत सिंह, कमलेश, सुमन, प्रीती, प्राची, रोशनी,     इसना, रुकसाना, मजीदा, रेशमा परवीन आदि ने कहा कि बैंक बंद होने से दो दिन पूर्व भी लाइनों में लगे थे। आज भी लाइन में लगने के कारण किसी बैंक से कैश नहीं मिला।  ग्राहकों ने लगाया कि उनके सामने रोजमर्रा के खर्च दूध, सब्जी बच्चों की फीस आदि मुंह बांहें खड़ी हैं। कैश नहीं मिल रहा है। भारी भीड़ के चलते बैंकों से कहीं दो व कहीं चार हजार रुपये मिले। वहीं, एटीएम में भी पैसा नहीं डालने से उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्होंने डीएम से व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उधर, पीएनबी प्रबंधक रमेश सोन कुसले व स्टेट बैंक प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि बैंक में कैश उपलब्ध होने से वह लगातार पैसा दे रहे हैं। भीड़ के अनुसार पैसा बांटना     पड़ता है कि सभी की जरूरत पूरी  हो सके।    
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