- साल 2002 में अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनाने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना (बिजनौर)। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में पुलिस ने नगीना तहसीलदार सहित आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाया गया था।
विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह ने एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया था कि नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम साबूवाला निवासी जसवंत सिंह ने कूटरचित दस्तावेज बनाकर और झूठे शपथ पत्र देकर अपनी मूल जाति छिपाई। उसने लेखपाल, कानूनगो, नाजिर, लिपिक, तहसीलदार को हमसाज करके अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र 24 सितंबर 2002 को बनवा लिया था।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र को जिला स्तरीय स्क्रिनिंग कमेटी ने निरस्त भी कर दिया था। एसपी के आदेश पर नगीना पुलिस ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के लाभार्थी जसवंत सिंह, तत्कालीन हल्का लेखपाल, कानूनगो, नाजिर, लिपिक, तहसीलदार नगीना, अन्य तहसील कर्मियों व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।
दूसरी जाति के व्यक्ति द्वारा अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। - राकेश वशिष्ठ, सीओ नगीना