बिजनौर। वामपंथी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सीएए और एनआरसी को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम रमाकांत पांडेय को सौंपकर कानून को वापस लेने की मांग की।
सोमवार को भाकपा (सीपीआई) के जिलामंत्री रामनिवास जोशी एवं भाकपा (एमएल) केे जिलामंत्री हरकिशन सिंह के नेतृत्व में वामपंथी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। इस कानून को लागू कर लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले वामदलों के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में सीएए के खिलाफ शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन किया था। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे उनके 56 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को बड़ी संख्या में गिरफ्तार किया गया है। विरोध प्रदर्शन करने वालों को डरा कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने नहटौर की हिंसा में मारे गए दो लोगों की मौत की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने, सीएए के विरोध प्रदर्शन में मारे गए लोगों की मौत की न्यायिक जांच कराने, मृतकों के आश्रितों एवं घायलों को उचित मुआवजा दिलाने, विरोध प्रदर्शन में गिरफ्तार लोगों पर हुए फर्जी मुकदमे वापस लेकर उन्हें रिहा करने तथा विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को बहाल कराने की मांग की। इस मौके पर बलवंत सिंह, राजेंद्र कुमार, गुलाम साकिर आदि मौजूद रहे।