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घंटों इंतजार के बाद मिल रहीं बसें

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घंटों इंतजार के बाद मिल रहीं बसें
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बिजनौर। चुनाव में बसें जाने से यात्रियों को सफर में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को बस नहीं मिल रही है। डिपो से कोतवाली मार्ग पर चलने वाली बसों की संख्या घटकर आधी रह गई है। चुनाव में बसें जाने से पहले इस रूट पर 12 बसों का संचालन किया जात था, लेकिन अब बस कम होने से कुल छह बसें ही चलाई जा रही हैं। बसें कम होने से यात्रियों को देहात स्टॉपेज पर भी घंटो इंतजार करना पड़ता है।
डिपो पर बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बस न मिल पाने के कारण लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर हैं। वहीं बिजनौर कोतवाली सड़क खस्ताहाल होने के चलते निगम के बस ले जाने से कतराते हैं, जिसके चलते इस रूट पर सिर्फ छह अनुबंधित बसें चलाई जा रही हैं। चुनाव में बसें जाने से हर रूट पर बसों के फेरे घट गए हैं। लोग बसों की इंतजार में डिपो पर इधर-उधर भागते हुए नजर आते हैं, लेकिन भीड़ ज्यादा होने की वजह से लोग परेशान हैं। इस समस्या लगातार बढ़ रही है। इन दिनों साया ज्यादा होने से लोग की आवाजाही बढ़ गई है। इसके साथ ही बसों की कमी से लोगों को गांव देहात के स्टॉपेज पर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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शाम छह बजे के बाद नहीं मिलती बसें
डिपो से नगीना के लिए शाम छह बजे के बाद बसें नहीं मिलती हैं, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहीं वजह है कि लोगों को बस न मिल पाने के कारण डिपो पर ही भटकना पड़ता है। अगर उस रूट की कोई दूसरी बस आ जाए तो ठीक है, नहीं तो शाम छह बजे के बाद नगीना रूट के लिए कोई बस नहीं है।
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नगीना रोड पर जाने से आनाकानी करते हैं चालक
बिजनौर नगीना रोड खस्ताहाल पूरी तरह से खस्ताहाल है, जिसकी वजह से चालक इस रूट पर बस ले जाने से कतराते हैं। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि नगीना रूट पर छह अनुबंधित बसें चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही कोई भी बस इस रूट पर निगम की नहीं है।
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