शेरकोट। देश में बढ़ती महंगाई, विदेशी मुद्रा पर दबाव और खाड़ी देशों में जारी तनाव के बीच सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मितव्ययिता अपनाने की अपील से सराफा बाजार सुस्त पड़ गया है। सबसे ज्यादा असर आभूषण तैयार करने वाले कारीगरों पर पड़ रहा है। सोने-चांदी की बिक्री पर असर पड़ने से कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने लगा है।
नगर निवासी स्वर्णकार वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि वह लगभग तीन दशकों से सराफा व्यापारियों के ऑर्डर पर सोने-चांदी के आभूषण तैयार करने का कार्य कर रहे हैं। पहले जहां लगातार काम मिलता था। वहीं अब बाजार में मांग लगभग खत्म हो गई है। नए ऑर्डर नहीं मिलने के कारण मजदूरी निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
आभूषण कारीगर ऋषिपाल वर्मा ने बताया कि वह हलके और मध्यम वजन के जेवरात तैयार करते थे लेकिन अब व्यापारी नए काम देने से बच रहे हैं। कई पुराने ऑर्डर भी निरस्त कर दिए गए हैं। बाजार की मंदी का सीधा असर कारीगरों के परिवारों पर पड़ रहा है।
सराफा व्यापारी आकाश वर्मा का कहना है कि पिछले एक वर्ष से सोना-चांदी के लगातार बढ़ते दामों के कारण आम आदमी की पहुंच पहले ही इन धातुओं से दूर हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब बाजार में खरीदारी और कम होने से कारीगरों की आजीविका पर संकट गहरा गया है।
सराफा व्यापारी पंकज वर्मा ने बताया कि सोने-चांदी के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव और महंगाई के कारण ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं यदि यही स्थिति बनी रही तो सराफा कारोबार के साथ-साथ इससे जुड़े हजारों कारीगरों का रोजगार भी प्रभावित होगा।ा