डूबने के 20 घंटे के बाद मिला शव
शेरकोट। शेरकोट में हाईवे 74 के नए पुल से खो नदी में छलांग लगा कर आत्महत्या करने वाली किशोरी का शव शनिवार को घटना स्थल से करीब तीन सौ मीटर दूर बैराज के पुराने पुल के नीचे मिट्टी में दबा मिला। शव को एनडीआरएफ की टीम ने बरामद किया। पुलिस ने शव को पीएम को भेजा है। परिजनों ने बताया कि पारिवारिक कलह के कारण वह नाराज हो गई थी। पुलिस को तहरीर नहीं दी गई है।
धामपुर थाने के गांव नसीरपुर बनवारी निवासी स्व. रघुवीर सिंह की 17 वर्षीय पुत्री सोनी धामपुर के एक डिग्री कालेज में बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। सोनी शुक्रवार को परिवार के लोगों से नाराज होकर शेरकोट के हाईवे पर बने नए पुल पर पहुंची और वहां पर उसने पुल से खो नदी में छलांग लगा दी थी। गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम ने नदी में उसे काफी तलाश किया, लेकिन देर रात तक सफलता नहीं मिली थी।
शनिवार को फिर से किशोरी को बरामद करने के लिए नदी में तलाश किया गया। बताया गया कि एनडीआरएफ को करीब 20 घंटे बाद किशोरी का शव घटना स्थल से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर खो नदी के पुराने पुल के नीचे मिट्टी में दबा मिला। शव के बरामद होने के बाद परिजनों में कोहराम मचा गया। पुलिस ने शव को पीएम को भेज दिया।
पुलिस द्वारा मृतका के परिजनों से पूछताछ की गई तो बताया कि सोनी की उसकी बहन से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात से नाराज होकर सोनी घर से लापता हो गई थी। उसे काफी खोजा पर उसका पता नहीं लग सका था। मां राजेश्वरी ने कहा कि सोनी उनकी सबसे लाडली बेटी थी। वह उन्हें बहुत प्यार करती थी।