जिंप अध्यक्ष पद चुनाव के लिए भाजपा ने झोंकी ताकत
बिजनौर। सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी घोषित करने और भाकियू के बगावत तेवर सामने आने के बाद भाजपा ने ताकत झोंक दी है। जिले की टीम के साथ-साथ चुनाव की कमान प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया को सौंप दी गई है। वहीं साकेंद्र चौधरी और आयुष चौहान में से एक को शनिवार तक प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जिले में जिला पंचायत चुनाव में जो परिणाम आए, वह भाजपा के लिए चिंता बढ़ाने वाले थे। दूसरी ओर सपा-रालोद गठबंधन 24 सीट के साथ सबसे आगे था। बृहस्पतिवार को जिला पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए सपा ने चरणजीत कौर को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसके बाद भाकियू नेता दिगंबर सिंह की ओर से आए बगावती तेवर देख भाजपा ने इसे भुनाने की तैयारी शुरू कर दी। भाजपा को अब फिर से जिले में जिपं अध्यक्ष पद चुनाव में उनके पक्ष में जान पड़ती दिख रही है। यही कारण है कि पार्टी हाईकमान ने जिले की टीम के साथ-साथ परिवहन मंत्री अशोक कटारिया को चुनाव की कमान सौंप दी है, ताकि तमाम परिस्थितियों और चुनावी गणित को देखते हुए बिजनौर में भाजपा का जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया जा सके। भाजपा नेताओं की बसपा के पांच सदस्यों के अलावा निर्दलियों पर भी नजर होना माना जा रहा है।
अनदेखी करने वाले अफसरों पर भी गिर सकत है गाज
भाजपा नेताओं ने इन अधिकारियों की शिकायत पार्टी हाईकमान के अलावा मुख्यमंत्री से की है और बता दिया है कि जिला पंचायत चुनाव में ये अफसर कोई मदद करने के बजाए नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में ऐसे अफसरों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है, जो बगावती तेवर रखते हैं।
पूरी टीम के साथ शुरू कर दिया काम: अशोक कटारिया
परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि जिले में जिपं चुनाव के लिए पार्टी हाईकमान की ओर से मुझे जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैं पार्टी की जिले की टीम के साथ चुनाव में तमाम रणनीति पर चर्चा कर रहा हूं। इस चुनाव में बिजनौर से जिपं अध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा। आयुष चौहान और साकेंद्र चौधरी में से एक को प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना है।
जल्द सामने आएगा नाम: सुभाष वाल्मीकि
भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि साकेंद्र चौधरी और आयुष चौहान दो नाम पार्टी हाईकमान को भेजे गए हैं। शुक्रवार की देर रात या शनिवार तक एक नाम पर फैसला हो जाएगा। हम अपने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति बना रहे हैं।