जसवंत सिंह की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन।
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गांव छजमलवाला में बृहस्पतिवार सुबह जंगली हाथी ने जसवंत सिंह (75) पुत्र गुरुदेव सिंह को सूंड में पटक-पटक कर मार डाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रेंजर अंकिता किशोर ने नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात कही है।
प्यारो कौर ने बताया कि बुधवार की रात उनके पति जसवंत सिंह खेत में अपने छप्पर के डेरे पर सो रहे थे। सुबह पांच बजे जब वह लघुशंका के लिए बाहर आए तो घर के नजदीक कुछ आहट हुई। उसे देखने के लिए वह उधर चले गए। उन्होंने टॉर्च की रोशनी की तो एक जंगली हाथी दिखाई दिया। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही हाथी वृद्ध पर हमलावर हो गया और उसने उन्हें कई बार सूंड से उठाकर पटक दिया।
वृद्ध की चीख-पुकार सुनकर घर में सो रहे अन्य लोग उठकर बाहर आए और उन्होंने व पड़ोसियों ने किसी प्रकार शोर-शराबा कर हाथी को जंगल में खदेड़ा। इसके बाद परिजन घायल वृद्ध को गांव छतरीपट्टा स्थित निजी चिकित्सक के यहां ले गए। चिकित्सक ने वृद्ध को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का रोकर बुरा हाल
परिजनों ने बताया कि पहले वे लोग कुआंखेड़ा बढ़ापुर में रहते थे। कुछ साल पूर्व जसवंत सिंह छजमलवाला आ गए थे। उनके तीन पुत्र हैं, जो ऋषिकेश में रहकर काम करते हैं। पति-पत्नी के अलावा उनके साथ उनकी बेटी रजविंदर कौर अपने बच्चों के साथ रहती हैं। वृद्ध की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण बूटा सिंह, मलकीत सिंह, सरजीत सिंह, सतनाम सिंह, अमरजीत सिंह आदि ने मृतक के परिवार को मुआवजा तथा वन्यजीवों के आबादी में आ जाने पर रोकथाम की मांग की है। उधर, रेंजर अंकिता किशोर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर गई थी। प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।