बुढ़पुर नैन सिंह निवासी संदीप एक माह पहले ही टोल पर नियुक्त हुआ था। उसकी ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह आठ बजे तक थी। टोलकर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह लगभग सात बजे संदीप एक अन्य अन्य टोल कर्मी के साथ जेनरेटर में तेल भर रहा था। तभी उसके गले में पड़ा गमछा जेनरेटर की पंखुड़ी में फंस गया। संदीप का सिर जेनरेटर से टकराया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर मृतक के परिजन और ग्रामीण टोल प्लाजा पर पहुंच गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख टोलकर्मी मौके से भाग निकले। ग्रामीणों ने करीब साढ़े आठ बजे टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। कुछ वाहन चालकों ने निकलने की कोशिश की तो ग्रामीणों की उनसे झड़प हुई।
सीओ बिजनौर और नजीबाबाद, एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। सभी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में एएसपी सिटी संजीव बाजपेयी ने मृतक के परिजनों से बात की। उनके समझाने पर ग्रामीणों ने करीब दस बजे जाम खोला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जाम के बाद डेढ़ घंटे फ्री रहा टोल प्लाजा
ग्रामीणों ने जाम के दौरान टोल प्लाजा के बूम ऊपर कर दिए थे। करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुला तो बूम सही किए गए। प्लाजा का सिस्टम फेल हो गया। इसे सही करने में लगभग डेढ़ घंटा लगा। इस दौरान जाम में फंसे वाहन बिना टोल दिए ही निकलते रहे। जाम खुलने के बाद लगभग डेढ़ घंटा तकनीकी खराबी के चलते टोल फ्री रहा।