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बिजनौर: रेस्क्यू सेंटर में बाघ की मौत, गंभीर हालत में लाया गया था; पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया तेंदुआ

Wed, 26 Aug 2026 05:33 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में दो महीने पहले फांटो रेंज से एक नर बाघ को गंभीर हालत में उठाकर लाया गया था। करीब 60 दिन चले उपचार के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी। बाघ घायल कैसे हुआ, इसका पता नहीं चल सका। 
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बाघ। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू सेंटर में दो महीने से उपचाराधीन बाघ की मौत हो गई। वन विभाग ने बाघ के शव का राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं गांव सैफाबाद में एक तेंदुआ आबादी के पास से पालतू कुत्ते को उठाकर ले गया और मार दिया।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में 26 जून को फांटो रेंज से एक नर बाघ को अत्यंत गंभीर हालत में लाया गया था। उसका उपचार चल रहा था, मगर बचाया नहीं जा सका। बुधवार को बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। उसके शरीर के जैविक नमूने बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान व देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। 
 

शव विच्छेदन के बाद कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप निदेशक आईएफएस राहुल मिश्रा, कालागढ़ के उप प्रभागीय वन अधिकारी बिंदरपाल, नैनीताल जू के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हिमांशु पांगती, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि कुंदन सिंह खाती, एनजीओ के प्रतिनिधि सोहिनी शाह, मनोज सती, इदरीस हुसैन, वन अधिकारी नवीन चंद्र पाण्डे, सरत सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट आदि मौजूद रहे।
 

लगातार स्वास्थ्य निगरानी जारी रही
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिंदरपाल का कहना है कि बाघ का निरंतर उपचार किया जा रहा था। बाघ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके उपचार व देखभाल के सभी प्रयास किए गए। मंगलवार शाम उसने अंतिम सांस ली।
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सैफाबाद में पालतू कुत्ते को उठा ले गया गुलदार
मंडावली क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव सैफाबाद में मंगलवार शाम पालतू कुत्ते को गुलदार गन्ने के खेत में उठाकर ले गया। गुलदार की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्राम निवासी लोकेंद्र ने बताया कि रोजाना की तरह उन्होंने मंगलवार शाम अपने कुत्ते को घूमने के लिए खोल दिया। कुत्ता घर के पास से गुजर रही नहर शाखा की ओर चला गया। अचानक गुलदार गन्ने के खेत से निकलकर आया और कुत्ते को उठा ले गया। बुधवार सुबह गन्ने के खेत में पालतू कुत्ते के अवशेष मिले। ग्रामीणों सुशील कुमार, अतुल राठी, सचिन कुमार, संजीव, लोकेंद्र सिंह आदि ने बताया कि गांव के आसपास कई दिनों से गुलदार देखा जा रहा है। ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसान खेतों पर जाने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने सामाजिक वानिकी विभाग से गांव के पास पिंजरा लगाने की मांग की है।
 
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