गांव मुंडाखेड़ी में सोमवार रात दो गुलदार (तेंदुए) धर्मपाल यादव के घर की दीवार पर बैठे थे। इनमें से एक अंदर कूद गया। इसके बाद घर के अंदर घमासान शुरू हो गया।
गुलदार ने घर में घुसकर हमला किया तो परिवार के मुखिया को बचाने के लिए बाकी सदस्य हिम्मत दिखाते हुए भिड़ गए। उन्होंने परिवार के मुखिया को ही चंगुल से ही नहीं छुड़ाया, बल्कि लाठी डंडों से घेरकर गुलदार को बाथरूम में बंद कर लिया। बाद में बाथरूम का दरवाजा तोड़कर वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ लिया।
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गुलदार के हमले के बाद आए ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
गांव मुंडाखेड़ी में सोमवार रात करीब 11 बजे दो गुलदार धर्मपाल यादव के घर की दीवार पर बैठे नजर आए। इनमें से एक घर के अंदर कूद गया। आहट होने पर परिवार के सदस्य जाग गए। शोर मचाने पर गुलदार ने धर्मपाल पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। दूसरा गुलदार वहां से भाग गया। जान पर बनी देख घर के सदस्य और ग्रामीण घर में घुसे और गुलदार को लाठी-डंडे लेकर घेर लिया। उसे खदेड़कर बाथरूम में बंद कर दिया।
सूचना पर रात में ही डिप्टी रेंजर विजय भारत सिंह, रेंजर गोविंद राम गंगवार ने कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को पिंजरे में कैद किया। वन विभाग की टीम गुलदार को लेकर रेंज कार्यालय धामपुर ले गई।
उधर, गुलदार के हमले में घायल धर्मपाल यादव को मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर घाव हैं। बताया गया कि उनके सिर में 45 टांके लगे हैं।
तीन घंटे बंद रहा गुलदार, दरवाजा तोड़कर किया काबू
गांव मुंडाखेड़ी में गुलदार करीब तीन घंटे धर्मपाल यादव के घर के बाथरूम में बंद रहा। टीम गेट पर पिंजरा लगाना चाहती थी लेकिन जैसे ही दरवाजा खुलता तो गुलदार के भागने की आशंका थी। इसलिए पहले दरवाजा तोड़ा गया। उसके बाद पिंजरा लगाकर गुलदार को काबू किया गया। इस सब में करीब तीन घंटे लग गए।
ये बोले...
पकड़ा गया गुलदार करीब दो वर्ष का नर है। उसे धामपुर रेंज कार्यालय लाया गया है। उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया है, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। अधिकारियों के आदेश पर गुलदार को जंगल सफारी आदि किसी भी स्थान पर छोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी। - विजय भारत सिंह, उप वन क्षेत्रीय अधिकारी।