गुलदार के हमले की रची झूठी कहानी
सोमवार देर शाम गांव अजुपुरा जट के जंगल में बीरो देवी की मौत के बाद उसके बेटे बहाल सिंह ने गुलदार के हमले की बात कही थी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी वन विभाग तथा प्रशासन को दी गई।बहाल सिंह ने अधिकारियों के सामने भी मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया था। उसने घटना को गुलदार का हमला बताते हुए मुआवजे की मांग उठाई। अधिकारियों की ओर से मुआवजे को लेकर लिखित आश्वासन दिए जाने की बात भी सामने आई थी।
पांच लाख रुपये के लालच में मां की हत्या
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में बहाल सिंह ने ग्रामीणों के सामने अपनी मां की हत्या करने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि वह लालच में आ गया था और पांच लाख रुपये के मुआवजे के लिए उसने मां की गला दबाकर हत्या कर दी।इसके बाद उसने लोगों को गुमराह करने के लिए गुलदार के हमले में मां की मौत होने का शोर मचा दिया। इससे ग्रामीण और अधिकारी भी शुरुआती तौर पर घटना को गुलदार का हमला मानकर जांच में जुट गए थे।
जंगल में गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा
- फोटो : अमर उजाला
पहले से संदिग्ध मान रहा था वन विभाग
बीरो देवी की मौत के बाद वन विभाग ने भी घटना को संदिग्ध माना था। वन विभाग के अधिकारियों का कहना था कि मृतका के शरीर पर गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले थे। इसी वजह से घटना की परिस्थितियों को लेकर संदेह बना हुआ था।
क्षेत्राधिकारी देश दीपक ने बताया कि घटना में मृतका का छोटा पुत्र बहाल सिंह उर्फ मनिया शामिल है। उसने मुआवजे के लालच में अपनी मां की गला दबाकर हत्या की है। पुलिस के अनुसार मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।