धामपुर में सड़क हादसे में दूल्हा-दुल्हन सहित सात लोगों की मौत से गांव में सन्नाटा पसरा है। गांव तीबड़ी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिवार पर दुखों की पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीण और रिश्तेदार परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। साथ ही बच्चों का ढांढस बढ़ा रहे हैं।
मृतक दूल्हा विसाल अहमद के चाचा उबैदुरमान ने बताया कि उनका परिवार दिल्ली में काम करता है। विसाल भी वहीं काम करता था। वहां पर झारखंड के थाना देवघर के गांव परोहाबाद निवासी आलम और उनके रिश्तेदार भी काम करते हैं। दिल्ली में ही दोनों पक्षों में दोस्ती हो गई थी। मृतक विसाल का निकाह खुशी के साथ दिल्ली में ही पक्का हो गया था। परिवार के लोग चाहते थे कि निकाह दिल्ली में हो, लेकिन दुल्हन खुशी के नाना व अन्य परिवार के लोगों ने मायके से ही लड़की की विदाई करने का निर्णय लिया।
मृतक खुर्शीद अपने पुत्र विसाल अहमद का निकाह कराने के लिए रिश्तेदारों के साथ 10 नवंबर को झारखंड के लिए चला गया था। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। निकाह करने के बाद 1200 किलोमीटर यात्रा कर घर के करीब पहुंच चुके थे। तभी तिबड़ी से नौ किलोमीटर दूर सड़क हादसे में दूल्हा-दुल्हन सहित सात लोगों की मौत हो गई।
मेहनत मजदूरी से घर चलता था खुर्शीद
खुर्शीद अंसारी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। गांव में करीब 120 गज का टूटा-फूटा मकान है। वह उस घर में दो पुत्री और पांच पुत्रों के साथ रहता था। इनमें दो पुत्रियों और तीन पुत्रों की शादी हो चुकी है। मृतक विसाल अहमद तीसरे नंबर का बेटा था। लोगों ने सरकार से मृतक परिवार की मदद करने की मांग की है।
घर परिवार की बेहद परवाह करता था विसाल
क्षेत्र के गांव भूरापुर निवासी विसाल के दोस्त शाह आलम का कहना है कि साल 2008 में विसाल और वह एक साथ दिल्ली में काम करते थे। विसाल घर के बारे में बहुत सोचता था। माता पिता के लिए दिल्ली से पैसे भी भेजता रहता था। कुछ दिनों पहले ही वह घर में नया इन्वर्टर बैटरा लगवाने की बात कह रहा था। दोस्त की बात कर शाह आलम की आंख नम हो गई। कभी नहीं सोचा था कि अब दोस्त से कभी मुलाकात ही नहीं हो पाएगी।
दुल्हन खुशी के नाना और भाई की मौजूदगी में हुआ दफीना
दुल्हन खुशी के नाना आलम और उनका भाई दिल्ली में काम करता है। जैसे ही उन्हें घटना का पता लगा तो वह देर रात करीब नौ बजे तीबड़ी गांव पहुंचे। उनके सामने ही इशा की नमाज के बाद करीब 10 बजे विसाल अहमद, दुल्हन खुशी और खुर्शीद अंसारी का दफीना हुआ।