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Bijnor: 200 से ज्यादा गांवों से निकलेगा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, सामने आया नया अपडेट; ये होगा फायदा

Wed, 25 Mar 2026 07:57 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Shamli-Gorakhpur Expressway: एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट की तीसरी सूची जारी कर दी गई है। रुड़की, नजीबाबाद, मुरादाबाद डिविजनों ने गांवों की सूची भेज दी है। नई सूची से गांवों के नाम और गाटा संख्या एकत्रित करने में विभाग जुट गया है। 
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एक्सप्रेस-वे। सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के विकास की धुरी बनने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए एलाइनमेंट से संबंधित तीसरी सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में गांवों की गाटा संख्या (खसरा संख्या) के साथ विस्तृत जानकारी शामिल है, जिसे अब भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (एसएलओ) को भेजा गया है। अब तक की सभी सूची को मिलाकर ऐसे गांवों की संख्या 200 से ज्यादा होने की उम्मीद है, जहां से एक्सप्रेसवे होकर निकलेगा।
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एनएचएआई की रुड़की, नजीबाबाद और मुरादाबाद डिविजनों के अंतर्गत आने वाले गांवों की सूची गाटा संख्या के साथ एसएलओ विभाग को भेजी गई है। इन सूचियों के जारी होने बाद प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को यह स्पष्ट हो गया है कि एक्सप्रेसवे उनके क्षेत्रों से कैसे गुजरेगा और उनकी कितनी भूमि अधिग्रहित की जाएगी। 
 

नई जारी की गई सूची की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्रत्येक प्रभावित भूमि के लिए गाटा संख्या (खसरा संख्या) का उल्लेख है। यह जानकारी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगी। गाटा संख्या के बिना, भूमि के स्वामित्व और क्षेत्रफल का सटीक निर्धारण करना मुश्किल होता है। अब, संबंधित अधिकारियों के पास प्रत्येक भूखंड के बारे में विस्तृत डाटा उपलब्ध होगा, जिससे मुआवजे के निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया सुगम हो सकेगी।
 

भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरित होगा
अब जब गाटा संख्या के साथ विस्तृत जानकारी एसएलओ को भेज दी गई है, तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ेगी। इसके बाद प्रभावित भूस्वामियों को मुआवजा वितरित किया जाएगा और जल्द ही एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल बिजनौर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
 

बिजनौर जिले के लिए महत्वपूर्ण है एक्सप्रेसवे
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को पूर्वी हिस्से से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। बिजनौर जिला इस एक्सप्रेसवे के मार्ग में स्थित होने के कारण सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।
 

ये होंगे लाभ
बेहतर कनेक्टिविटी: बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों को दिल्ली-एनसीआर और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा।
आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा। यह क्षेत्र में नए उद्योगों को आकर्षित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। औद्योगिक गलियारा भी इसके आसपास ही तैयार किया जाएगा।
रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य के दौरान और एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद, विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पर्यटन को बढ़ावा: क्षेत्र के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी: आधुनिक डिजाइन और बेहतर सड़क सतह के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
 
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ये बोले अधिकारी
एनएचएआई की रुड़की, नजीबाबाद और मुरादाबाद डिवीजन की ओर से गांवों की सूची प्राप्त है। इन तीनों के आधार पर एक सूची तैयार हो रही है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र में बैनामों पर रोक लगाने का काम किया जाएगा।
-हर्ष चावला, एसडीएम-एसएलओ
 
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