देश के 15 राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर 29 शिकायतें दर्ज हुई थीं। परिवहन विभाग की आधिकारिक एचएसआरपी वेबसाइट की हूबहू नकल कर फर्जी वेबसाइट बनाई गई थी, जिस पर फीस ऑनलाइन ले ली जाती थी, लेकिन नंबर प्लेट नहीं बनाई जाती थी।
परिवहन विभाग की एचएसआरपी वेबसाइट की हूबहू नकल करके फर्जी वेबसाइट के जरिये साइबर ठगी करने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खातों में फर्जी वेबसाइट पर किए गए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के आवेदन का शुल्क जमा होता था, लेकिन आवेदन करने वालों को नंबर प्लेट नहीं दी जाती थी। बिजनौर के एटीएम से ठगी का पैसा निकलने के मामले में नूरपुर थाने में आठ जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल सर्विलांस की मदद से पुलिस गिरोह तक पहुंची।
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एसपी अभिषेक झा ने बताया कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए ऑपरेशन साइ-वज्र चल रहा है। इसी क्रम में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) की आड़ में देशभर के लोगों से ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया है। उनके पास 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं।
बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दिल्ली, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर समेत देश के 15 राज्यों से नंबर प्लेट बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी की 29 शिकायतें दर्ज हुई थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने परिवहन विभाग की आधिकारिक एचएसआरपी वेबसाइट की हूबहू नकल करते हुए bookkhsrplate.com और bookmyhsrp.com नाम से फर्जी वेबसाइट बना रखी थीं। इन्हें इस तरह से बनाया कि लोगों को यह सरकारी पोर्टल जैसी ही प्रतीत होती थीं और वे बिना किसी संदेह के ऑनलाइन भुगतान कर देते थे।
फर्जी वेबसाइट बनाने में ली एआई की मदद
उन्होंने बताया कि गिरोह के मुख्य आरोपी डोमेन नेम और होस्टिंग खरीदने के लिए ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते थे और फर्जी वेबसाइटों को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न ऑनलाइन एआई टूल्स का सहारा लिया।