नगीना में सेंट मैरी स्कूल के बच्चों को ले जा रही बस सामने से आए वाहन को जगह देने के चक्कर में गड्ढे में जा गिरी। किसी तरह बच्चों को बस से निकाला गया और उपचार कराया गया। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यह बस अभिभावकों ने खुद लगवा रखी थी।
नहटौर रोड पर गांव अमरौली के पास सेंट मैरी स्कूल के बच्चों को ले जा रही बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्डे में पलट गई। बस में करीब 35 बच्चे सवार थे, जिनमें से पांच-छह को चोटें आईं, जबकि कई बच्चे घबराहट के कारण परेशान हो गए। गनीमत रही कि सड़क किनारे खड़े एक पेड़ ने बस को गिरने से रोक लिया, जिससे एक भयंकर हादसा टल गया।
विज्ञापन
Trending Videos
बच्चों को ले जाते अभिभावक।
- फोटो : अमर उजाला
यह हादसा मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हुआ, जब बस नगीना और बढ़ापुर से बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। बस चालक एजाज ने बताया कि संकरे रास्ते पर सामने से आ रहे एक वाहन को जगह देने के प्रयास में बस सड़क किनारे फिसल गई और खड्डे में जाकर एक तरफ झुक गई। हालांकि, कुछ बच्चों ने चालक द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जिसे चालक ने खारिज कर दिया। सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन मौके पर पहुंचा और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। एसडीएम प्रिंस कुमार और थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार भी स्कूल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना।
स्कूल बस हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे स्कूल के नाम पर चल रही बस, परिवहन विभाग की निगरानी पर सवाल
सेंट मैरी स्कूल के बच्चों को ले जाने वाली बस पर किसी दूसरे स्कूल का नाम लिखा हुआ था। इससे सवाल उठता है कि दूसरे स्कूल के नाम की बस से बच्चों को कैसे ढोया जा रहा था। क्या बस के दस्तावेज, परमिट, फिटनेस और स्कूल परिवहन संबंधी नियमों की जांच की गई थी? परिवहन विभाग की निगरानी के बावजूद इस तरह की व्यवस्था का चलना चिंता का विषय है।
स्कूल पहुंचकर बच्चों से बात करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल में हुआ प्राथमिक उपचार, अभिभावकों ने लगवाई थी बस
सेंट मैरी स्कूल के प्रिंसिपल फादर साइजू राफेल सीएम ने बताया कि हादसे में पांच-छह बच्चों को मामूली चोटें आई थीं और कुछ बच्चे घबरा गए थे। सभी प्रभावित बच्चों का स्कूल में ही प्राथमिक उपचार किया गया और बाद में उन्हें अभिभावकों के साथ घर भेज दिया गया। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि दुर्घटनाग्रस्त बस स्कूल की अपनी नहीं है, बल्कि अभिभावकों ने निजी तौर पर बच्चों के आने-जाने के लिए लगवा रखी है।
एसडीएम नगीना प्रिंस कुमार ने कहा कि बच्चों को मामूली चोट आई है और बस अभिभावकों द्वारा निजी तौर पर लगाई गई है। उन्होंने नियम विरुद्ध चलने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।