जनता ने अपनाया तो स्वदेशी को मिला बढ़ावा
बिजनौर। जनता ने स्वदेशी सामान को अपनाया तो इसके जिले से भी बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जिले में काष्ठकला से लेकर पेपर उद्योग में अच्छा खासा उछाल आया है। कोरोना को हराने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरूआत में लॉक डाउन लगा होने के बावजूद जिले के उद्योगों को फायदा मिला है। अगर जनता स्वदेशी सामान का ही प्रयोग करती रही तो आने वाले समय में भी उद्योगों को और बढ़ावा मिलेगा।
जिले में कागज, काष्ठकला, फर्नीचर, इंटरलॉकिंग आदि उद्योग हैं। हर साल इनका 1500 करोड़ से अधिक का व्यापार होता है। छोटे से जिले में बनने वाला माल पूरे देश यहां तक कि काष्ठकला के नमूने तो विदेशों तक में जाते हैं। कोरोना को हराने के लिए मार्च, अप्रैल और मई में लॉक डाउन लागू रहा। लॉक डाउन में माल कम बना और बाद में बनना शुरू हुआ। काष्ठकला का निर्यात भी कम हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से स्वदेशी सामान का ही प्रयोग करने की अपील की थी। इस अपील और चीन के प्रति नाराजगी का असर बाजार पर भी दिखा।
बाजार में विदेशी उत्पादों को सभी ने नकार दिया और लोकल के बने माल को जनता ने खरीदा। काष्ठकला के उत्पाद विदेश नहीं गए, लेकिन दीपावली के समय इनकी लोकल में खूब बिक्री हुई। जिले में फर्नीचर का काम होता है, लेकिन फिर भी काफी माल चीन से ही आता था। जनता ने स्वदेशी फर्नीचर खरीदा तो जिले के फर्नीचर उद्योग को 30 प्रतिशत तक का ज्यादा कारोबार मिला। उद्यमियों द्वारा किए गए सर्वे में स्वदेशी सामान अपनाने की अपील से जिले के व्यापार को काफी फायदा हुआ है।
जिले का बाजार एक नजर में
उद्योग पिछले साल इस साल टर्नओवर
काष्ठकला 400 500
इंटरलॉकिंग 10 13.5
फर्नीचर 100 130
पेपर 1200 1300
सैनिटाइजर 50 00
नोट : राशि करोड़ रुपये में है, आंकड़े उद्यमियों से लिए गए हैं।
सैनिटाइजर का मिला नया उद्योग
कोरोना के समय जिले को सैनिटाइजर के रूप में एक नया उद्योग मिला था। जिले में चीनी मिल व डिस्टलरी में बनने वाला सैनिटाइजर देशभर में सप्लाई हुआ था। हालांकि अब सैनिटाइजर जिले में नहीं बन रहा है। उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार उद्योगों को बढ़ावा मिलना सबसे ज्यादा जनता पर निर्भर करता है। जनता अगर देश में बने उत्पाद खरीदेगी तो उद्यमियों को फायदा होगा। वे उद्योगों को बढ़ाएंगे तो जनता को रोजगार मिलेगा। वहीं, सहायक आयुक्त उद्योग अमिता वर्मा रस्तोगी के अनुसार जिले के उद्यमियों के उत्पादों की लोकल में डिमांड बढ़ी है। उद्योगों को बढ़ावा देने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।