बिजनौर। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में शासन की ओर से स्वास्थ्य उपकेंद्रों की रैंकिंग जारी की गई है। एनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) प्रमाण पत्र जारी किया गया है। एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिलने में प्रदेश में बिजनौर का चौथा और मंडल में पहला स्थान है।
एनक्यूएएस का मुख्य उद्देश्य भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुरक्षित और रोगी-केंद्रित बनाना है। इसके चलते जिले में 137 स्वास्थ्य उपकेंद्रों को यह प्रमाण पत्र मिल चुका है। एनक्यूएएस के तहत 12 चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल एवं उनकी जांच, शिशु देखभाल, 14 प्रकार की जांच डायबिटीज हाइपरटेंशन एवं तीन प्रकार के कैंसर की जांच, इमरजेंसी दवाइयां की उपलब्धता सहित अन्य बिंदुओं की गहन जांच होती है। निरीक्षण के दौरान व्यवस्था बेहतर मिलने पर प्रमाणपत्र जारी किया गया। जिला क्वालिटी परामर्शदाता डॉ. हितेंद्र कुमार ने बताया कि एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए 500 से अधिक प्रश्नों से पूछे जाते हैं, जिसमें 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर प्रमाण पत्र के लिए जरूरी है।
एनक्यूएएस प्रमाणपत्र के लिए इन बिंदुओं की भी होती है जांच
एनक्यूएएस के तहत चिकित्सा इकाइयों की पेंटिंग एवं ब्रांडिंग, पीने के पानी, लाइट की व्यवस्था की जांच की जाती है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के क्लीनिकल ज्ञान के स्तर से संबंधित प्रश्न भी होते हैं। साथ ही चिकित्सा इकाइयों के दस्तावेजों की गहराई से जांच की जाती है। सभी चिकित्सालय के संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी एएनएम, आशा, आशा संगिनी के ड्रेस कोड के साथ-साथ उनके सभी दस्तावेज एवं उनके चिकित्सा से संबंधित ज्ञान के स्तर से संबंधित प्रश्न किए जाते हैं।
मंडल में उपकेंद्रों को मिले एनक्यूएएस प्रमाण पत्र
जिला- उपकेंद्र
बिजनौर- 137
अमरोहा- 90
संभल- 68
रामपुर- 62
मुरादाबाद- 54
जिले के 137 उपकेंद्रों को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र मिला है। बिजनौर प्रदेश में चौथे और मंडल में पहले स्थान पर है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर की जा रही है। उपकेंद्र पर ही मरीजों को जांच सहित दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर