गंगा में डूबे दो भाइयों की तलाश में जुटी पुलिस।
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बिजनौर में गंगा में डूबे दो भाइयों की तलाश में पीएसी के 15 गोताखोर लगाए गए हैं। मंगलवार को दिनभर चली खोजबीन के बाद भी दोनों का पता नहीं लग पाया। हालांकि गंगा में एक किलोमीटर के दायरे में जाल भी डाला गया। पीएसी के जवान मोटरबोट से गंगा में उतरे। उधर, परिजनों का हाल बेहाल रहा, जिनकी रात भी गंगा बैराज पर ही गुजरी।
मंगलवार को तड़के से ही पुलिस ने गोताखोरों की मदद से गंगा में दोनों भाइयों को तलाश कराया। दोपहर होने तक मुरादाबाद से पीएसी के 15 गोताखोर मोटरबोट लेकर बैराज पर पहुंच चुके थे, जिन्होंने गंगा के गहरे पानी में दोनों भाइयों को ढूंढा।
ये था मामला
सोमवार को चांदपुर के मोहल्ला सरायरफी की रहने वाली रामरती की मौत के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए गंगा बैराज पर आए थे। अंतिम संस्कार करने के बाद मृतक महिला के पोते नरदेव पुत्र महेंद्र और सिद्धार्थ पुत्र बनवारी नहाते हुए गंगा में बह गए थे। हालांकि इनके एक भाई को समय रहते बचा लिया गया। नरदेव और उसके चचेरे भाई सिद्धार्थ गंगा में डूब गए। हालांकि सोमवार की शाम ढलने तक गोताखोर उनकी तलाश में लगे हुए थे।
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पुलिस ने एक किलोमीटर के दायरे में जाल भी डलवाया लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। उधर, बैराज के दो गेट बंद कराए गए हैं। सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता और प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम दिनभर बैराज पर ही डटे रहे। वहीं डूबे युवकों के परिजन भी बैराज पर ही डेरा डाले हुए हैं।
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