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यूपी पुलिस: कार्रवाई न होने पर निलंबित दरोगा ने लिखा त्यागपत्र, एसपी ने किया बहाल, आरएसएस नेता को मारा था थप्पड़

Mon, 19 Jul 2021 09:01 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

हमले के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर निलंबित दरोगा ने त्यागपत्र लिखा तो उन्हें बहाल कर दिया गया। आरएसएस नेता को थप्पड़ मारने के मामले में निलंबित किया गया था।
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बिजनौर में दरोगा पर हमले के मामले में जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने और अधिकारियों पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए दरोगा अरुण कुमार राणा ने त्यागपत्र दे दिया है। इससे महकमे में हड़कंप मच गया, उनका इस्तीफा वायरल होने के बाद उन्हें बहाल कर दिया है, साथ ही रिपोर्ट दर्ज कर उन पर हमला करने के आरोप में आरएसएस नेता सहित दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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दरोगा अरुण कुमार राणा को आरएसएस के खंड शारीरिक प्रमुख उमंग से मारपीट करने के आरोप में गुरुवार को निलंबित कर दिया गया था। वहीं शुक्रवार को दरोगा मुंह पर कपड़ा बांधे बाइक सवार तीन युवकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। इस मामले में अधिकारियों के रवैये से आहत दरोगा अरुण कुमार ने पुलिस महानिदेशक लखनऊ, एडीजी बरेली जोन, डीआईजी मुरादाबाद को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा है कि उन पर हमला करने वालों की आज तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। वह इसे लेकर सीओ सिटी, एसएचओ हल्दौर व विवेचक से मालूम करते हैं तो उन्हें कह दिया जाता है कि अभी एसपी साहब का आदेश नहीं है।   

आरएसएस के कुछ पदाधिकारी रोज उनसे मिलकर या मोबाइल पर बात करके एसपी, सीओ सिटी का नाम लेकर समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं। कहते हैं कि अगर आरोपी को नुकसान होगा तो दरोगा को भी नुकसान होगा। शासन, प्रशासन पर उनकी बहुत बड़ी पकड़ है। जो वे कहेंगे एसपी साहब वही करेंगे। दरोगा ने आरोप लगाया कि सोमवार को एसएचओ हल्दौर ने फोन करके उनसे कहा कि एसपी साहब ने बुलाया है। एसएचओ हल्दौर के साथ वे एसपी से मिलने गए तो वहां पर एसपी सिटी भी आ गए। एसपी ने उनसे हंसकर कहा कि चलो अब बहुत हो गया, बहाल कर देंगे। समझौता करने के लिए उन पर दबाव बनाया। दरोगा का आरोप है कि उनके खिलाफ एक बहुत बड़ा षड़यंत्र रचा गया है। इसमें विभाग के ही कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। योजना के तहत सस्पेंड कराया और इसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ।

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दरोगा बहाल, दो  आरोपी गिरफ्तार : एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन पर व अन्य अधिकारियों पर जो आरोप लगाए गए हैं वे गलत हैं। उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। दरोगा पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हैं। दरोगा को बहाल कर दिया गया है। दो आरोपी उमंग काकरान और भोलू को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मेरी जान को है खतरा: दरोगा
दरोगा अरुण कुमार राणा अरुण ने इस्तीफे में लिखा है कि षड़यंत्र के तहत उनकी हत्या भी हो सकती है। वह मानसिक व शारीरिक रूप से टूट चुके हैं। घटना के दिन वह किराए के मकान से बाजार सब्जी व अन्य सामान खरीदने जा रहे थे। तब उमंग, पुरू, गौरव, शिवम समेत आठ लोगों ने जान से मारने के इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। भरे बाजार में सड़क पर गिराकर मारने लगे। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर उन्हें अधमरा करके जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। एसएचओ उनकी तहरीर न लेकर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर बाद में सबके नाम खोलने की बात कर रहे हैं। 

यह है मामला
कस्बा झालू निवासी आरएसएस के खंड शारीरिक प्रमुख उमंग काकरान गुरुवार को अपने पिता रामेंद्र सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पुलिस चौकी गए थे। पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा अरुण कुमार राणा ने रिपोर्ट लगाने से इनकार दिया। इस बात पर दोनों में नोकझोंक हो गई और दरोगा ने उमंग को थप्पड़ मार दिया। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने झालू पुलिस चौकी पर हंगामा किया था। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता से मिले थे। गुरुवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने दरोगा अरुण कुमार राणा को निलंबित कर दिया था।
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