दरोगा बहाल, दो आरोपी गिरफ्तार : एसपी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन पर व अन्य अधिकारियों पर जो आरोप लगाए गए हैं वे गलत हैं। उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया है। दरोगा पर हमला करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हैं। दरोगा को बहाल कर दिया गया है। दो आरोपी उमंग काकरान और भोलू को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मेरी जान को है खतरा: दरोगा
दरोगा अरुण कुमार राणा अरुण ने इस्तीफे में लिखा है कि षड़यंत्र के तहत उनकी हत्या भी हो सकती है। वह मानसिक व शारीरिक रूप से टूट चुके हैं। घटना के दिन वह किराए के मकान से बाजार सब्जी व अन्य सामान खरीदने जा रहे थे। तब उमंग, पुरू, गौरव, शिवम समेत आठ लोगों ने जान से मारने के इरादे से लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। भरे बाजार में सड़क पर गिराकर मारने लगे। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर उन्हें अधमरा करके जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। एसएचओ उनकी तहरीर न लेकर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर बाद में सबके नाम खोलने की बात कर रहे हैं।
यह है मामला
कस्बा झालू निवासी आरएसएस के खंड शारीरिक प्रमुख उमंग काकरान गुरुवार को अपने पिता रामेंद्र सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पुलिस चौकी गए थे। पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा अरुण कुमार राणा ने रिपोर्ट लगाने से इनकार दिया। इस बात पर दोनों में नोकझोंक हो गई और दरोगा ने उमंग को थप्पड़ मार दिया। घटना के विरोध में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने झालू पुलिस चौकी पर हंगामा किया था। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता से मिले थे। गुरुवार को एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने दरोगा अरुण कुमार राणा को निलंबित कर दिया था।