- 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल सुरक्षित करने का लक्ष्य
- 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी वसंतकालीन गन्ने की बुवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। वसंतकालीन गन्ने की बुवाई के लिए गन्ना विभाग की ओर से 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में नवीन प्रजाति के बीज को सुरक्षित कर लिया गया है। 1200 हेक्टेयर क्षेत्रफल गन्ने को बीज के रूप में सुरक्षित करने का लक्ष्य है। बीज सुरक्षित हो जाने से 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आसानी से वसंतकालीन बुवाई की जा सकेगी।
ज्येष्ठ गन्ना विकास परिषद के निरीक्षक अमित कुमार पांडे ने बताया कि फरवरी माह में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई शुरू हो जाएगी। धामपुर गन्ना परिषद क्षेत्र में करीब 352 गांव शामिल हैं। 68 हजार किसान चीनी मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं।
किसानों ने शरद कालीन गन्ने की बुवाई में नवीन प्रजातियों के बीज का प्रयोग किया गया है। इससे पहले 25 से 30 प्रतिशत से अधिक किसानों ने नवीन प्रजाति के बीज की बुवाई कर रखी है। दो सालों से 0238 प्रजाति में लाल सड़न बीमारी आने के कारण अब किसानों को नवीन प्रजाति से बुवाई कराई जा रही है।
दो और नवीन प्रजातियों को बाहर से मंगाने का प्रयास
किसानों के पास इस बार बीज की कमी नहीं रहेगी। किसानों के पास पहले से को 0118, कोशा 13235, कोलख 14201, 16202, को 15023 प्रजातियां पहले से खेतों में खड़ी है। इस बार विभाग की ओर से दो और प्रजातियों कोशा 17331 और कोशा 18231 को बाहर के शोध केंद्रों से मंगाने की और व्यवस्था की जा रही है। इस बार किसानों के पास पांच से बढ़कर सात नवीन प्रजातियां हो जाएंगी।
कम से कम तीन नवीन प्रजातियां जरूर बोएं किसान
गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान अपने खेतों में कम से कम तीन प्रजातियों की बुवाई जरूर करें। सुझाव दिया जा रहा है कि इन नवीन प्रजातियों का क्षेत्रफल कम से कम 40 प्रतिशत जरूर होना चाहिए, ताकि अच्छी प्रजाति के बीज की कमी ना जा सके।
15 जनवरी तक भरे जाएंगे अनुबंध पत्र
अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों के प्लाटों को सुरक्षित किया जा रहा है, उनके 15 जनवरी तक हर हाल में गन्ना विभाग की ओर से अनुबंध पत्र भरवा लिए जाएंगे। चीनी मिल के अधिकारियों से वार्ता हो गई है। न केवल किसानों को चीनी मिल की ओर से इंसेंटिव दिलवाया जाएगा, बल्कि उनके बीज के गन्ने को बेसिक कोटे में भी शामिल कर लाभान्वित किया जाएगा।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद