बिजनौर। महिला सशक्तिकरण की ढाल बनी जिले की कई महिलाएं घर के आंगन में मशरूम, दुग्ध का कारोबार कर आत्मनिर्भर बन रही है। साथ ही कड़ी मेहनत से आय बढ़ाकर परिवार के संचालन में पूरा सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा जनपद में कई महिलाएं जैविक खेती का कार्य कर रही हैं। उनके इस प्रयास एवं कारोबार को जिला और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत किया जा चुका है।
ग्राम धर्मनगरी महिला किसान अर्चना मजूमदार पत्नी संजय मजूमदार अपनी लगन, मेहनत से मशरूम का उत्पादन कर न सिर्फ वह स्वावलंबी बनी, बल्कि परिवार को सुख समृद्धि के पथ पर ले जा रही हैं। अर्चना मजूमदार 400 स्क्वायर फीट में मशरूम की खेती कर रही है, जिसमें लगभग 3000 बैग स्थापित हैं।
प्रति बैग दो सौ रुपये की लागत आती है। प्रति बैग से औसतन 2.5 किलोग्राम मशरूम उत्पादित हो रही है। बाजार में 30 से 150 रुपये प्रति किलो से बिक जाती है। संवाद
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद