मेडिकल अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के नाम पर खेल हो रहा है। रजिस्टर पर 28 मरीज भर्ती होने की डिटेल है। जबकि विधानसभा में वेंटिलेटर नहीं चलने का मुद्दा उठा था, तो सीएमएस ने एक भी मरीज भर्ती नहीं करने की रिपोर्ट भेजी थी।
मेडिकल अस्पताल के आईसीयू वार्ड का एक वायरल रजिस्टर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें एक नहीं बल्कि 28 पेज हैं। जिन पर भर्ती मरीजों की डिटेल हैं। इतना ही नहीं रजिस्टर पर आईसीयू इंचार्ज के हस्ताक्षर भी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन यह रजिस्टर बनाने से पल्ला झाड़ रहा है। यह बड़ा सवाल है कि आखिरकार यह रजिस्टर किसे गुमराह करने के लिए बनाया गया।
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मेडिकल अस्पताल से रोजाना सात से आठ मरीजों को गंभीर स्थिति में मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। अस्पताल का सर्जिकल, मेडिकल आईसीयू बंद है। आईसीयू के बाहर सिर्फ बोर्ड ही लगा है। मगर आईसीयू का आईपीडी रजिस्टर बना हुआ है। जो वायरल हो रहा है।
वायरल रजिस्टर में 13 फरवरी 2025 से 31 जून 2025 तक 111 मरीज भर्ती दिखाए गए हैं। मरीज किस समस्या में भर्ती हुआ। कहां का रहने वाला है सहित पूरी जानकारी अंकित है। इसके अलावा रजिस्टर में मरीजों के नीचे भर्ती करने वाले चिकित्सकों के नाम भी लिखे हुए हैं। डॉ. विक्की, डॉ. हरपाल, डॉ. तुषार सहित अन्य चिकित्सकों की देखरेख में मरीज दिखाए गए हैं।
वहीं, रजिस्टर पर आईसीयू इंचार्ज में डॉ. साक्षी के हस्ताक्षर हैं। सूत्रों का कहना है कि रजिस्टर में जिन मरीजों को भर्ती दिखाया गया है। वह सामान्य मरीज हैं। उन्हें या तो सामान्य वार्ड में भर्ती किया गया या फिर ओपीडी में दवाई देकर भेज दिया गया।
दिशा की बैठक में आईसीयू बंद होने का मुद्दा उठने के बाद तैयार हुआ रजिस्टर
बताया गया कि मेडिकल अस्पताल में आईसीयू वार्ड में भर्ती मरीजों का रजिस्टर दिशा की बैठक के बाद बनना शुरू हुआ। दिशा की बैठक में नगीना सांसद चंद्रशेखर ने आईसीयू नहीं चलने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने मेडिकल अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए भी कहा था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। क्योंकि, आईसीयू तो बंद था। ऐसे में उन्होंने कागजों में भी आईसीयू चालू दिखाकर मरीज भर्ती दिखाए।
विधानसभा में उठा वेंटिलेटर नहीं चलने का मुद्दा
नूरपुर विधानसभा से विधायक रामअवतार सैनी ने विधानसभा में वेंटिलेटर नहीं चलने का मुद्दा उठाया गया। शासन स्तर से मेडिकल अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा गया है। इस संबंध में सीएमएस ने लिखकर भेज दिया कि सत्र 2023-24 और 2024-25 तक चिकित्सालय में वेंटिलेटर पर किसी रोगी का उपचार नहीं किया गया।
सीएमओ ने आईसीयू वार्ड चलाने के लिए दी चार स्टाफ नर्स
सीएमओ स्तर से आईसीयू वार्ड चलाने के लिए चार स्टाफ नर्स को मेडिकल अस्पताल में 22 नवंबर 2024 को संबद्ध किया था। स्टाफ नर्स मीनाक्षी पाल, प्रशांत कुमार, नीशु गौतम, हिमांशी चौहान की आईसीयू वार्ड में तैनाती की थी। लेकिन आईसीयू वार्ड का ताला तक नहीं खुला। इन स्टाफ नर्स की ड्यूटी शिविर और दूसरे वार्ड में लगा रखी है।
मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में चार एनेस्थेटिक
मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में चार एनेस्थेटिक हैं। जबकि, दो सीनियर रेजीडेंट बॉन्ड पर आए हैं। पहले स्टाफ न होने से आईसीयू वार्ड चालू नहीं था। लेकिन स्टाफ होने के बावजूद भी आईसीयू वार्ड संचालित नहीं हो सका है।
ये बोले स्वास्थ्य अधिकारी...
विधानसभा में वेंटिलेटर चालू नहीं होने का मुद्दा उठा था। उन्होंने आईसीयू वार्ड में वेंटिलेटर पर एक भी मरीज भर्ती नहीं करने की सूचना भेज दी है। स्टाफ के अभाव में आईसीयू वार्ड नहीं चल पा रहा है। -डॉ. बीआर त्यागी, सीएमएस, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
मेडिकल अस्पताल में स्टाफ की कमी से आईसीयू वार्ड बंद है। आईसीयू वार्ड का कोई रजिस्टर नहीं बनाया गया है। स्टडीज के लिए ऐसे रजिस्टर बनते रहते हैं। डीएम सहित अन्य आला अधिकारियों को आईसीयू बंद होने की जानकारी है। -डॉ. उर्मिला कार्या, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर