गांव केलनपुर निवासी विजयपाल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। भतीजे प्रिंस ने अपने दोस्तों संग मिलकर तमंचे से गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस ने प्रिंस, उसके तीन दोस्तों और तमंचा सप्लाई करने वाले को पकड़ लिया है।
भतीजे ने अपने तीन दोस्तों के संग मिलकर ताऊ विजयपाल की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ने के बाद हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। आरोपियों को तमंचा बेचने वाला भी गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों का चालान कर कोर्ट में पेश किया गया, अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया।
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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गांव केलनपुर निवासी विजयपाल (50) बुधवार की शाम खेत की जोताई करने गए थे। लौटते समय विजयपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिनका रक्तरंजित शव ट्रैक्टर पर ही पड़ा मिला। मामले में मृतक के बेटे और सीआईएसएफ में जवान मोहित सिंह ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच पड़ताल करने के बाद हत्यारोपी प्रिंस तोमर निवासी केलनपुर, शानू उर्फ मैशानू निवासी रामपुर नजराना, मोहम्मद फैजान निवासी रसूलपुर नंगला, राविस निवासी तालिबपुर और विनित कुमार निवासी गांव नवाबपुरा मंडी धनौरा अमरोहा को गिरफ्तार किया है।
एसपी ने बताया कि पकड़ में आया आरोपी प्रिंस मृतक विजयपाल का सगा भतीजा है। प्रिंस का अपने ताऊ विजयपाल से साढ़े नौ बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जमीन का मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
इसी रंजिश में प्रिंस ने अपने दोस्त शानू, फैजान और रबिश के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। चारों आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर आए, जिन्होंने विजयपाल को दो गोलियां मारीं, जबकि तीसरी गोली मिस हो गई थी। इन चारों आरोपियों ने तमंचा अमरोहा के विनीत से खरीदा था।
आरोपी प्रिंस ने हत्या में शामिल होने के लिए तीनों दोस्तों को साढ़े तीन लाख रुपये देना तय किया था। एडवांस के तौर पर बीस हजार रुपये दे दिए थे। पुलिस ने एक-एक तमंचा प्रिंस और फैजान से बरामद किया है। वहीं तमंचा बेचने वाले विनीत के पास से भी दो तमंचे बरामद किए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी देहात गौतम राय, निरीक्षक सचिन मलिक आदि मौजूद रहे।
दृश्यम की तर्ज पर तैयार की योजना
विजयपाल के भतीजे प्रिंस और उसके साथियों ने दृश्यम फिल्म की तर्ज पर हत्या की योजना तैयार की थी। आरोपियों ने हत्या वाले दिन खुद को धनौरा मंडी जाना दर्शाने के लिए सीसीटीवी में खुद को कैद किया। बाकायदा धनौरा मंडी जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर तक खुद को सीसीटीवी के सामने से गुजरना भी दिखाया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो आधे रास्ते से ही दूसरे रास्ते से वापसी कर ली और गांव लौट आए थे। जिस रास्ते से लौटे थे, उस पर सीसीटीवी नहीं था।
इसके साथ ही उस दिन आरोपियों ने अपने फोन दो बजे से छह बजे तक बंद रखे थे। आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में खुद को कई सीसीटीवी फुटेज में कैद होने और गांव में घटना के वक्त नहीं रहने का यकीन भी दिलाया। मगर पुलिस ने बारीकी से पड़ताल करते हुए आरोपियों की साजिश का भंडाफोड़ कर दिया।
छह महीना पहले भी बनाया था मारने का प्लान
आरोपी प्रिंस ने धनौरा मंडी में कपड़े की दुकान कर रखी थी, करीब एक महीना पहले उसने दुकान साझेदार को सौंपकर खुद का हिस्सा निकाल लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने ताऊ विजयपाल को मारने के लिए छह महीने पहले भी प्रयास किया था। मगर उस वक्त सफलता नहीं मिली थी। आरोपी प्रिंस ताऊ विजयपाल के घर में चोरी के मामले में साल 2020 में जेल भी गया था।