बताया जाता है कि ट्रेन जब सुबह नगीना रेलवे स्टेशन के करीब पहुंची तो विकास की तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। अन्य यात्रियों ने जब यह घटना देखी तो उन्होंने नगीना स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही इस परिवार को नगीना रेलवे फाटक के करीब उतार दिया गया।
जवान बेटे की मौत से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। बाद में आसपास के लोगों व समाजसेवियों की मदद से एक प्राइवेट एंबुलेंस द्वारा मृतक के शव को उसके घर भेज दिया गया।