बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र के खुशहालपुर मड़का गांव में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मादा गुलदार कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। यह गुलदार दो माह पूर्व सात वर्षीय बालक की मौत का कारण बनी थी।
खुशहालपुर मड़का की आबादी के निकट लगाए गए पिंजरे में रविवार की सुबह ग्रामीणों ने गुलदार को फंसा देखा। इसकी सूचना ग्राम प्रधान एवं प्रशासक के पति हिमांशु राजपूत ने सामाजिक वानिकी के अधिकारियों को दी। डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पिंजरे में कैद गुलदार को कब्जे में लेकर जालपुर नर्सरी भेजा। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पिंजरे में फंसी मादा गुलदार की आयु लगभग चार से पांच वर्ष बताई जा रही है।
सात साल के नक्श को मार दिया था
अगस्त माह में गांव खुशहालपुर मड़का निवासी भूदेव कश्यप का सात वर्षीय पुत्र नक्श कश्यप अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था। इसी दौरान गुलदार ने उस पर झपट्टा मारकर उसे उठा लिया था। कुछ दूरी पर चल रहे उसके भाई को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। बाद में नक्श का शव गांव के निकट मिला था। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। सामाजिक वानिकी विभाग ने तत्काल घटनास्थल के निकट पिंजरा लगाया था।
ग्रामीणों ने राहत की सांस ली
गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्राम प्रधान हिमांशु राजपूत ने वन विभाग से क्षेत्र में अन्य गुलदारों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए पिंजरा लगातार लगाए रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।