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Bijnor: छह दिन का आतंक खत्म, पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, वन विभाग ने जंगल में छाेड़ा, ग्रामीणों में दहशत बरकरार

Wed, 17 Jun 2026 01:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर

सार

बिजनौर के सीतावाली गांव में छह दिन से आतंक मचा रहे गुलदार को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में अन्य गुलदार भी घूम रहे हैं, जिससे दहशत बनी हुई है।
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गुलदार पिंजरे में हुआ कैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर जनपद में मंडावली क्षेत्र मेंके सीतावाली गांव में पिछले छह दिनों से ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के लगाए पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन गांव के आसपास अन्य गुलदारों की मौजूदगी की आशंका से दहशत अभी भी बरकरार है। वन विभाग की टीम रेस्क्यू कर गुलदार को पिंजरे समेत अपने साथ ले गई।

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तीन बकरियों को बना चुका था निवाला
साहनपुर वन रेंज के अंतर्गत आने वाले सीतावाली गांव के आसपास पिछले कई दिनों से गुलदार की गतिविधियां देखी जा रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार गुलदार अब तक पशुपालक यादराम सिंह की तीन बकरियों का शिकार कर चुका था। लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की थी।

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मंगलवार को लगा पिंजरा, बुधवार तड़के फंसा गुलदार
ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग की टीम ने मंगलवार शाम गांव के निकट पिंजरा लगाया था। बुधवार तड़के जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो गुलदार को पिंजरे में कैद देखकर हैरान रह गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद गुलदार को अपने साथ ले गई।

तीन वर्ष की मादा गुलदार निकली
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिंजरे में कैद हुई गुलदार मादा है, जिसकी उम्र लगभग तीन वर्ष बताई जा रही है। वनकर्मियों का कहना है कि इस आयु के गुलदार अधिक सक्रिय और आक्रामक प्रवृत्ति के हो सकते हैं।

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ग्रामीण बोले, अभी भी बना हुआ है खतरा
ग्रामीण मुनेश कुमार, मनोज कुमार, धर्मेंद्र और बलवीर सहित अन्य लोगों का कहना है कि एक गुलदार के पकड़े जाने के बावजूद गांव के आसपास अन्य गुलदारों की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से गांव में तुरंत दूसरा पिंजरा लगाने की मांग की है ताकि किसी नई घटना को रोका जा सके।

खाली होकर लौटेगा पिंजरा, तब होगी दोबारा व्यवस्था
साहनपुर वन चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि पकड़े गए गुलदार को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। पिंजरा खाली होकर वापस आने के बाद आवश्यकता के अनुसार उसे दोबारा गांव के पास लगाया जाएगा।

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