उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट से फिश प्रोडक्ट के नाम पर गोमांस की सप्लाई की जा रही थी। मथुरा में गाड़ी रोककर लैब से जांच कराई गई तो गोमांस की पुष्टि हुई। मंगलवार को देर शाम तक कुर्क करने की प्रक्रिया चल रही है।
गैंगस्टर अतीक अहमद के मीट प्लांट समेत 168 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने के लिए मंगलवार को जालौन पुलिस बिजनौर पहुंची। देर शाम तक तक कुर्की की कार्रवाई चलती रही। इसी क्रम में उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट के प्रबंधक को नोटिस भी थमाया गया है। तमाम प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद बुधवार को संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।
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मीट प्लांट।
- फोटो : अमर उजाला
स्योहारा क्षेत्र के गांव सहसपुर स्थित उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट शुरुआत से ही विवादों में घिरा रहा है। इस मीट प्लांट के संचालक अतीक अहमद के खिलाफ जनपद जालौन में गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज हुआ था। आरोपी अतीक अहमद निवासी नई दिल्ली एवं कस्बा सहसपुर थाना स्योहरा जिला बिजनौर गैंग लीडर गुलजार के सहयोग से एक संगठित गिरोह संचालित करता है।
यह गिरोह अंतरजनपदीय एवं अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय रहा। कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से फिश फूड के नाम पर गोमांस की तस्करी करता था। फोरेंसिक लैब मथुरा की जांच में वाहन पर लदे डिब्बों में गोमांस की पुष्टि हुई थी। आरोपी के विरुद्ध जनपद बिजनौर थाना स्योहारा एवं जनपद जालौन में कई मुकदमे पंजीकृत हैं।
जालौन जनपद के थाना एट में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे के संबंध में मंगलवार को जालौन पुलिस की टीम मीट प्लांट पर पहुंची। टीम ने प्लांट के प्रबंधक जब्बार अहमद को नोटिस थमाते हुए बुधवार को प्रस्तावित कुर्की की जानकारी दी। जिलाधिकारी जालौन द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में गैंगस्टर एक्ट की धारा के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। जांच में अतीक अहमद एवं उसके सहयोगियों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों का विवरण सामने आने के बाद कुर्क करने का आदेश जारी हुआ था।
अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 46, 102, 40, 45, 44(1), 101, 52, 54, 47 एवं 12 में स्थित लगभग 100 बीघा भूमि को कुर्की की जद में लिया गया है। भूमि का मूल्य लगभग 151 करोड़ 53 लाख रुपये आंका गया है। इसके अतिरिक्त प्लांट भवन, टिन शेड, लोहे के ढांचे, लकड़ी तथा अन्य परिसंपत्तियों का मूल्य करीब 16 करोड़ 59 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। कुल मिलाकर लगभग 168 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
20 जनवरी को खोली गई थी सील, दर्ज हुए दो मुकदमे
उमर इंटरनेशनल मीट प्लांट पिछले कई वर्षों से विभिन्न विवादों में रहा है। प्रशासन ने वर्ष 2018 में इस प्लांट को सील कर दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश पर 20 जनवरी 2026 को इसकी सील खोली गई। मगर हाईकोर्ट में कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करने के कारण थाना स्योहारा में भी मीट प्लांट के स्वामी अतीक अहमद के खिलाफ दो केस दर्ज हुए। जिसके बाद प्रशासन ने इस प्लांट में सरकारी जमीन होने पर बुलडोजर भी चलाया था।