अधिकारी नहीं पहुंचे, बढ़ा रोष
धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद बिजली विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद किसान बिजलीघर परिसर में डटे रहे। उनका कहना है कि जब तक स्थायी समाधान का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
बिजली संकट से खेती और जनजीवन प्रभावित
किसानों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं। खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और अन्य आवश्यक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि बिजलीघर पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।