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बिजनौर: एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ की जमीन कब्जाने के लिए ऐसे रची साजिश, जांच में सामने आए ये नाम

Sun, 04 Oct 2026 12:02 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

नजीबाबाद के अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में पूर्व सीएम कमलनाथ के दिवंगत पिता की जमीन है, जिसे कमलनाथ के नाम ट्रांसफर होने में अड़ंगे लगाए गए। अब वारिसान प्रमाणपत्र जमा कराया गया है। पुलिस ने भी पूर्व सीएम की जमीन का मुआयना किया है। 
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पूर्व सीएम कमलनाथ
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ की 26 बीघा जमीन को हड़पने का प्रयास किया गया। अब उनका वारिसान प्रमाणपत्र तहसीलदार की अदालत को मुहैया कराया गया है, ताकि वारिस के तौर पर जमीन की खतौनी में पूर्व सीएम का नाम दाखिल हो सके। उधर, पुलिस ने भी जमीन का मुआयना करते हुए नक्शा-नजरी तैयार किया। पुलिस विवेचना के क्रम में राजस्व रिकॉर्ड जुटा रही है।
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पूर्व सीएम के प्रतिनिधि योगेश कुमार ने अधिवक्ता महबूब आलम के जरिए शनिवार को तहसीलदार न्यायालय में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की दिल्ली के अस्पताल में हुई मृत्यु का प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और पूर्व सीएम कमलनाथ के उनके पुत्र के रूप में वारिस होने के प्रमाण दाखिल किए। 
बता दें कि नजीबाबाद के गांव अमीखानपुर उर्फ जट्टीवाला में पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ की करीब 90 बीघा जमीन थी। अब गाटा संख्या 349, 375, 377 और 429 की खतौनी में महेंद्र नाथ का नाम दर्ज है।
 

पांच महीने से तहसील में लटका है पूर्व सीएम का आवेदन
अब 18 मई को मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से जमीन को विरासत में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया, जिस पर लेखपाल ने मृतक के बाहरी और वारिसों के दूर रहने का हवाला देते हुए आवेदन को आगे बढ़ा दिया। इसके बाद यह आवेदन तहसीलदार की कोर्ट में पहुंचा। मगर मई माह से लेकर अब तक विरासत के तौर पर यह जमीन कमलनाथ और उनकी बहनों के नाम पर दर्ज नहीं हो सकी।
 

26 बीघा जमीन को हड़पने का हुआ प्रयास
सीएम के आवेदन के साथ-साथ तहसीलदार की कोर्ट में उक्त जमीन को लेकर एक वाद धर्मपाल बनाम ग्राम सभा चल रहा है। आरोप है कि फर्जी वसीयत दाखिल की गई है जोकि पंजीकृत भी नहीं है। पूर्व सीएम के पिता महेंद्र नाथ का मृत्युप्रमाण भी दाखिल किया गया, जो 10 अप्रैल 2003 को नजीबाबाद से ही जारी हुआ। इसके साथ ही पूर्व सीएम कमलनाथ की ओर से नजीबाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लो, विजय शंकर पांडेय निवासी नजीबाबाद और लेखपाल डेविड कुमार पर साजिश रचकर जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है जबकि लेखपाल समेत अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है।
 

वर्ष 1997-98 में हुई थी चकबंदी
क्षेत्र में वर्ष 1997-98 में चकबंदी हुई थी। पूर्व सीएम कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ का राजस्व रिकॉर्ड में नाम चकबंदी से पहले से भी दर्ज रहा है।

पुलिस और प्रशासन की अलग राह
इस जमीन के प्रकरण में जहां पुलिस ने लेखपाल डेविड कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। ऐसे में लेखपाल संघ एक दिन पहले ही डीएम से मिला था। जहां एक ओर लेखपाल को जमीन प्रकरण में आरोपी बनाकर जांच कर रही है, वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन ने अपनी स्वतंत्र जांच एसडीएम नजीबाबाद के माध्यम से शुरू करा दी है।
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ये बोलीं अधिकारी
एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित ने बताया कि यह मामला तहसीलदार कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में लेखपाल की भूमिका क्या रही, इसकी जांच एसडीएम नजीबाबाद कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही सही तथ्यों का पता चल पाएगा।

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