श्रद्धालु मान रहे भगवान भैरव का स्वरूप
बुधवार को जब कुत्ता मूर्ति के बजाय पूरे मंदिर परिसर की परिक्रमा करने लगा तो श्रद्धालुओं की आस्था और भी बढ़ गई। बड़ी संख्या में लोग इसे भगवान भैरव का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना में जुट गए।
सोशल मीडिया से बढ़ी भीड़
कुत्ते की परिक्रमा की खबर बुधवार को समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होते ही आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
भंडारे की तैयारी
ग्रामीणों का दावा है कि इस घटनाक्रम को देखते हुए बृहस्पतिवार को मंदिर परिसर में भंडारे की तैयारी की जा रही है। गांव में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।