कार्बेट टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क की कालागढ़ रेंज में लकड़घाट के जंगल में बाघ के दो शावकों के शव मिले। आशंका है कि इन्हें दूसरे बाघ ने मार डाला। शावकों के डीएनए परीक्षण के लिए अंगों को देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान को भेजा गया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व/राष्ट्रीय उद्यान की कालागढ़ रेंज के लकड़घाट के कक्ष संख्या एक स्थित सैडिल बांध तिराहे के निकट मैग्जीन सोत में गश्ती दलों ने दो छोर पर अलग-अलग बाघ के दो शावकों के सड़े गले शव देखे। गश्ती दलों ने सूचना विभाग के उच्च अधिकारियों को दी।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डा. साकेत बड़ोला ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और सघन कांबिंग के निर्देश दिए। शावकों के नाखून, दांत व हड्डियां सुरक्षित पाए गए। खाल सड़ी-गली थी। पशु चिकित्सकों राजीव कुमार व हिमांशु पांडे के पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया।
शवों के सड़ गल जाने के कारण उनके लिंग का पता नहीं लग सका। इस दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा, उप प्रभागीय वनाधिकारी बिन्दरपाल, टाइगर कन्जरवेशन फाउंडेशन फॉर कार्बेट टाइगर रिजर्व के एजी अन्सारी, डब्लयूडब्ल्यूएफ के फैजन अंसारी, वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार, एनजीओ के सदस्य वीरेन्द्र अग्रवाल व स्थानीय वन कर्मी मौजूद रहे।
अकसर शावकों को मार देते हैं दूसरे बाघ
निदेशक डा. साकेत बड़ोला ने बताया कि कालागढ़ में मिले दोनों शावक काफी छोटे हैं। मां की अनुपस्थिति में किसी दूसरे बाघ ने इनको अपना शिकार बना लिया। वनों में अकसर ऐसी घटनाएं हो जाती हैं। इस मामले में भी यही लगता है। विभागीय कार्रवाई जारी है।