दुष्कर्म के झूठे केस दर्ज कराकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के सात लोगों की गिरफ्तारी अब तक हो चुकी है। इस गिरोह के खिलाफ जिलेभर के अलग-अलग थानों में छह रिपोर्ट दर्ज हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
बेगुनाह लोगों को दुष्कर्म या गैंगरेप के फर्जी मामलों में फंसाने वाला गिरोह पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। गिरोह में शामिल पीएसी के सिपाही और प्रॉपर्टी डीलर को भी गिरफ्तार किया गया है। अब तक तीन महिलाओं समेत सात आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। आसपा की नेता, एक कथित पत्रकार समेत चार वांछितों की तलाश जारी है। गिरोह के लिए काम करने वाला एक अधिवक्ता भी पुलिस की रडार पर है।
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सोमवार को एसपी बिजनौर केके बिश्नोई ने बताया कि पीएसी की 24वीं वाहिनी मुरादाबाद में तैनात सिपाही मोहम्मद आसिफ निवासी औरंगपुर भिक्कू उर्फ नारायणपुर बिजनौर और प्रॉपर्टी डीलर दिलशाद निवासी झालू को गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों लोगों पर दुष्कर्म के झूठे केस दर्ज कराने वाले गिरोह से जुड़े हुए हैं।
बता दें कि छह सितंबर को जलनिगम के अवर अभियंता मोहम्मद अहसान ने शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके खिलाफ एक महिला द्वारा दुष्कर्म का झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जबकि वह उक्त महिला और आरोपी बनाए गए अन्य लोगों को जानता भी नहीं है।
पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा, अफजाल, गुड्डी, कुंती और प्रीति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। अब प्रॉपर्टी डीलर और सिपाही के पकड़े जाने के बाद यह संख्या बढ़कर सात हो गई है। एएसपी गौतम राय ने बताया कि अभी आसपा की महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष रविता गौतम समेत चार अन्य वांछित हैं। बाकी कई लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए जा रहे हैं। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह भी मौजूद रहे।
पत्नी से विवाद के बाद गिरोह में शामिल हुआ सिपाही
एसपी ने बताया कि 2019 में सिपाही आसिफ की शादी भागूवाला निवासी शाहिस्ता के साथ हुई। विवाद के चलते शाहिस्ता ने ससुरालियों के खिलाफ दहेज एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करा दी, जिसमें आसिफ के भाई को जेल जाना पड़ा। इसी दौरान आसिफ की मुलाकात बब्बू लंगड़ा और नौशाद से हुई, जिसके बाद इन दोनों ने उसके भाई की जमानत कराई। उसकी पत्नी ने भरण-पोषण का वाद भी दायर किया था। इसी रंजिश में आसिफ ने अपने साले के खिलाफ थाना मंडावली में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई। साथ ही ससुराल पक्ष के अहसान के खिलाफ भी झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई।
जमीन के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर ने दर्ज कराया था केस
प्रॉपर्टी डीलर दिलशाद का 2200 गज जमीन को लेकर अपने चचेरे भाई से विवाद हुआ था। इसके बाद इस विवाद में समझौता अपने पक्ष में कराने के लिए दिलशाद ने चचेरे भाई और भतीजे पर 2025 और 2026 दुष्कर्म और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद दोनों के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया।
इसके साथ ही बब्बू लंगड़ा और नौशाद के साथ मिलकर दिलशाद अन्य कई लोगों पर दुष्कर्म की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराते हुए दबाव बनाया और जमीनों के मामले औने-पौने दाम में अपने पक्ष में कर लिए थे। आरोपी दिलशाद के खिलाफ पहले से ही गोकशी समेत अन्य 10 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा इस गिरोह ने बिजनौर और अमरोहा समेत दुष्कर्म के झूठे दस मामले दर्ज कराए थे।