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Bijnor: भाकियू जनशक्ति जिलाध्यक्ष के बेटे को गन्ने से लदे ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत, हाईवे जाम और हंगामा

Mon, 18 Nov 2024 07:41 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

अनुज कुमार (27) अपने गांव हुसैनपुर उर्फ असदुल्लापुर से नजीबाबाद आ रहा था। जलालाबाद के देव फिलिंग स्टेशन के निकट गन्ने से भरे ट्रक की चपेट में आ गया। अनुज का सेना में चयन हो गया था। 
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ट्रक की चपेट में आए शव को निकालती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाकियू जनशक्ति के जिलाध्यक्ष के बाइक सवार बेटे को गन्ने से लदे हुए ट्रक ने कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। यह हादसा मेरठ पौड़ी नेशनल हाईवे पर नजीबाबाद क्षेत्र में जालालाबाद के पास हुआ।
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हाईवे पर धरना देकर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति के जिलाध्यक्ष नरपाल सिंह का पुत्र अनुज कुमार (27) अपने गांव हुसैनपुर उर्फ असदुल्लापुर से नजीबाबाद आ रहा था। जलालाबाद के देव फिलिंग स्टेशन के निकट गन्ने से भरे ट्रक के पिछले पहिए की चपेट में आने से बाइक सवार अनुज की घटनास्थल पर मौत हो गई। अनुज का शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सूचना मिलते ही अनुज के पिता नरपाल सिंह, किसान नेता कुलबीर सिंह, शाहबुद्दीन राइन, सुखजिंदर सिंह गोल्डी, भोपाल सिंह राठी, मो.अनवर सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। 

गन्ने से भरा ट्रक क्रय केंद्र से गन्ना लेकर बरकातपुर चीनी मिल जा रहा था। परिजनों और किसानों ने किरतपुर दिशा से मेरठ पौड़ी फोरलेन हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह, एएसपी सिटी संजीव वाजपेई, थाना प्रभारी संजय तोमर ने जाम पर बैठे किसान नेताओं से वार्ता की। प्रदर्शनकारियों ने बरकातपुर चीनी मिल से 20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने, मृतक के एक भाई को नौकरी देने की मांग की। देर शाम तक परिजनों और किसानों का धरना जारी रहा।
 
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सेना में हुआ था चयन, 20 को ट्रेनिंग पर जाना था
अनुज कुमार का सेना में हाल ही में चयन हुआ था। 20 नवंबर को उसे ट्रेनिंग के लिए बंगाल जाना था। नरपाल सिंह के तीन बेटे हैं। अनुज दूसरे नंबर का बेटा था। उसका बड़ा भाई रवनीश कुमार होमगार्ड है, जबकि छोटा भाई शुभम खेती करता है।
मातम में बदली खुशियां 
सोमवार रात को अनुज की बुआ की बेटी की बरात आनी थी। इससे कुछ घंटे पहले ही अनुज की मौत होने पर खुशियां मातम में बदल गईं। 
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