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Bijnor: पूरे तामझाम के साथ लोन लेने बैंक पहुंची फर्जी जज, 30 लाख कैश बस मिलने ही वाला था, ऐसे फूट गया भांडा

Fri, 17 Oct 2025 08:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

मुजफ्फरनगर की रहने वाली आरोपी आयशा परवीन एचडीएफसी बैंक पहुंची। खुद को रामपुर में तैनात बताया। उसके साथ पेशकार बनकर पहुंचे बिजनौर के वकील और ड्राइवर को भी पुलिस ने दबोचा है। 
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इस कार में आई फर्जी जज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर के एचडीएफसी बैंक से 30 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने पहुंची फर्जी जज को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी मुजफ्फरनगर की रहने वाली है और खुद को रामपुर में तैनात बताया। साथ में पेशकार बनकर पहुंचे बिजनौर के एक वकील और ड्राइवर को भी पकड़ा गया है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और तीनों से पूछताछ की जा रही है।
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हाल ही में बिजनौर के एचडीएफसी बैंक में आयशा परवीन की ओर से 30 लाख रुपये के पर्सनल लोन के लिए आवेदन किया गया। लोन से संबंधित कागजात बिजनौर के वकील अनस निवासी किशनवास थाना मंडावर ने बैंक में उपलब्ध कराए थे, जिसमें सैलरी स्लिप, ज्वाइनिंग लेटर, सैलरी अकाउंट की स्टेटमेंट आदि कागजात थे। 
 

बैंक की ओर से प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई थी। शुक्रवार को लोन की रकम ट्रांसफर की जानी थी। ऐसे में बैंक की ओर से लोन लेने वाली आयशा परवीन को भी बुलाया गया। मुजफ्फरनगर में पंजीकृत बोलेनो गाड़ी से आयशा परवीन शुक्रवार को बैंक पहुंची। उक्त गाड़ी पर जज का स्टीकर भी लगा हुआ था।
 

बैंक कर्ज देने की तमाम प्रक्रियाओं को पूरा ही कर रहा था कि अचानक बैंक अधिकारियों ने कागजातों को फिर से चेक कराया। दस्तावेज संदिग्ध नजर आए। ऐसे में बैंक अधिकारियों ने मौके पर पुलिस बुला ली। पुलिस फर्जी जज आयशा परवीन, फर्जी पेशकार और ड्राइवर को थाने ले गई, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
 

बैंक खाते की स्टेटमेंट भी थमा दी फर्जी
जिला रामपुर में तैनात बताने वाली फर्जी जज ने लोन लेने के लिए देहरादून के एक्सिस बैंक के खाते की स्टेटमेंट प्रस्तुत की, जिसमें एक लाख तीस हजार रुपये सैलरी की आमद और करीब पांच लाख रुपये जमा दर्शाए गए। सूत्रों का दावा है कि बैंक अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तुत स्टेटमेंट के अलावा उन्होंने बैंक से स्टेटमेंट मंगाई तो उसमें केवल 40 हजार रुपये जमा होना पाया गया और कोई तनख्वाह की एंट्री नहीं मिली। इसके साथ ही ज्वाइनिंग लेटर और जज होने का पहचान पत्र भी फर्जी बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
 

रामपुर में जज आवास में रहती है आरोपी
प्राथमिक पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह जिला रामपुर का रहने वाला है। खुद को जज बताने वाली आयशा परवीन, रामपुर में अन्य जजों के पास बने सरकारी आवास में ही रहती है। उसके यहां बाकायदा नौकर और नौकरानी भी काम करते हैं। ड्राइवर ने बताया कि वह टैक्सी चलाता है, जब भी मैडम का फोन आता तो वह उनकी गाड़ी चलाने पहुंच जाता था।
 
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ये बोले एएसपी
खुद को जज बताने वाली एक महिला समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिन्होंने बैंक में कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन लेने का प्रयास किया। फिलहाल पूछताछ करते हुए पूरे मामले की जांच की जा रही है।
- डॉ कृष्ण गोपाल एएसपी सिटी

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