दुर्घटना से पहले युवक से हुई थी मारपीट
बिजनौर। जिस युवक की मौत की वजह सड़क हादसा समझा गया, उसकी सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर मामले में मोड़ आ गया। हादसे से कुछ मिनट पहले युवक को चार आरोपियों ने सड़क गिराकर पीटा था। जिनके खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उधर, पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने शव को पैजनियां पुलिस चौकी में ले जाकर रख दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजन राजी हुए।
मंगलवार शाम परिजन पोस्टमार्टम होने के बाद पैजनियां के रहने वाले विकुल कुमार त्यागी का शव लेकर नूरपुर थाने जा रहे थे। जिन्हें हल्दौर प्रभारी प्रभारी निरीक्षक ने समझाने का प्रयास किया तो उन्होंने पैजनियां की पुलिस चौकी में शाम चार बजे शव को रख दिया और हंगामा किया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने रोष जाहिर किया।
थाना प्रभारी निरीक्षक के समझाने के बावजूद भी ग्रामीण शव को अपनी मांग पूरी नहीं होने तक अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के लिए राजी नहीं हुए। बाद में सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को पूरी कराए जाने का आश्वासन देकर मामला शांत किया।
यह था मामला
गांव पैजनियां के रहने वाले विकुल कुमार त्यागी (28) पुत्र स्व. आदेश त्यागी सोमवार की शाम बिजनौर-मुरादाबाद हाईवे पर स्थित गांव अहीरपुरा के नजदीक सड़क पर लहूलुहान अवस्था में पड़ा मिला था। सड़क पर पड़ी बाइक धू धू कर जल रही थी। राहगीरों ने घायल विकुल कुमार त्यागी को नूरपुर सीएचसी भिजवाया। जहां डा. डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में परिवार वाले हादसे में मौत होना मान रहे थे। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मृतक की पत्नी अंशु त्यागी ने आरोप लगाया कि गांव खजूरी में एक मेडिकल स्टोर के सामने हिमांशू यादव पुत्र हरिओम, राजन पुत्र जोगेंद्र, आशू पुत्र उपेंद्र और अनिल उर्फ राजा निवासी दबखेड़ी ने ने विपुल त्यागी के मारपीट की थी। मारपीट की सीसीटीवी फुटेज भी परिजनों हासिल कर ली। फुटेज से ही मारपीट का राज खुल सका। आरोप है कि मारपीट कर उसे लहूलुहान अवस्था में उक्त स्थान पर फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस ने पहले यह मामला सड़क दुर्घटना में दर्ज किया था। हालांकि बाद में मृतक की पत्नी अंशु त्यागी की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले को हत्या में तरमीम कर दिया।
शुक्रवार को गांव आया था विकुल
विकुल कुमार त्यागी गाजियाबाद की हाउसिंग कंपनी में काम करता था। अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए विकुल शुक्रवार को गांव लौटा था। सोमवार को नूरपुर के लिए निकला। खजूरी में एक मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के लिए रुका, जहां चार युवकों ने मारपीट करनी शुरु कर दी। विकुल अपने पीछे पत्नी अंशु त्यागी पुत्री अनुष्का त्यागी और पुत्र अनंत त्यागी को रोता बिलखता छोड़ गया।
अर्द्धसैनिक बल में दरोगा है एक आरोपी
मृतक के परिजनों का कहना था कि एक आरोपी हिमांशु यादव किसी अर्द्धसैनिक बल में दरोगा है। जोकि गांव आया हुआ था। उसी की गाड़ी में बैठकर तीन अन्य युवक भी आए थे। जिन्होंने जमकर मारपीट की।
आधा घंटा तक पीटते रहे आरोपी
मेडिकल स्टोर के सामने चारों आरोपी विकुल को आधा घंटा तक लात घूंसों और डंडो से पिटते रहे। जिसमें वह काफी घायल हुआ। मामला ज्यादा बढ़ जाने पर कुछ लोगों ने वहां से विकुल को निकाल दिया। यहां से करीब एक किलोमीटर दूर जाने पर ही वह सड़क किनारे लहूलुहान हालत में पड़ा मिला।