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वन विभाग मधुमक्खियों के बॉक्स लगाकर मानव-हाथी द्वंद पर लगाएगा अंकुश

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नजीबाबाद - हाथियों को रोकने के लिए लगे मधुमक्खी पालन बॉक्स। - फोटो : NAZIBABAD
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हाथियों को जंगल से बाहर आने से रोकेंगी मधुमक्खियां
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नजीबाबाद। जंगल के मदमस्त हाथी आबादी और खेतों में नुकसान न पहुंचाएं, वह जंगल में ही रहे, इसके लिए उनके रास्ते में मधुमक्खियों का बैरियर लगाया जा रहा है। मधुमक्खियों की भिनभिनाहट से हाथी दूर भागते हैं। यह प्रयोग कर्नाटक, असम और उत्तराखंड में सफल रहा है, जिसके बाद इसे बिजनौर में भी शुरू किया जा रहा है। जुलाई माह के अंत तक वन विभाग मधुमक्खियों के करीब 100 बाक्स लगाएगा।
घने जंगलों से घिरे कर्नाटक में हाथियों के आबादी की ओर आने से होने वाले मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए प्रोजेक्ट रीहैब शुरू किया गया था। इसके अच्छे परिणाम सामने आए तो दूसरों राज्यों में भी इसकी शुरूआत की गई। हाथियों के जंगल से बाहर आकर खेतों में खड़ी फसलों और आबादी को नुकसान पहुंचाने की समस्या बिजनौर में भी है। जिला प्रभागीय वन अधिकारी डॉक्टर एमके शुक्ला ने बताया कि प्रथम चरण में नजीबाबाद प्रभाग में मधुमक्खी पालन के लिए छह-छह मीटर के फासले पर बॉक्स रखे जाएंगे। उन्होंने बताया कि बॉक्स ऐसे रास्तों पर रखे जाएंगे, जिनसे जंगली हाथी निकलकर खेतों में प्रवेश करते हैं। वन मंत्रालय ने बिजनौर के हाथी बहुल अमानगढ़ क्षेत्र को भी इस योजना में शामिल किया है।
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ऊंट के मुंह में जीरा की तरह हैं 100 बॉक्स
नजीबाबाद। अभी फिलहाल नजीबाबाद क्षेत्र में मधुमक्खी पालन के लिए 100 बॉक्स की अनुमति मिली है। इस क्षेत्र में कौड़िया, राजगढ़, साहनपुर, बढ़ापुर, साहूवाला आदि पांच रेंज आती हैं। लगभग सभी रेंजों में हाथी बहुतायत संख्या में हैं। योजना की सफलता के लिए कम से कम एक हजार से डेढ़ हजार मधुमक्खी पालन बॉक्स की आवश्यकता पड़ेगी।
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इस तरह से रोकेंगी मधुमक्खियां
हाथियों के आने के मार्ग में मधुमक्खी पालन के बक्से रखे जाते हैं और उनकी एक बाड़ सी लगा दी जाती है। इन्हें एक तार से जोड़ा जाता है। हाथी वहां से गुजरते हैं तो तार के खिंचाव से या दबाव से मधुमक्खियां उड़ने लगती है और वह हाथियों के झुंड की ओर चली जाती हैं। मधुमक्खियों के झुंड की भिनभिनाहट से होने वाले शोर से हाथी परेशान हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि ये उनकी सूंड और आंखों के साथ अन्य संवेदनशील अंगों पर काट सकती हैं। वे डरकर वापस जंगल की ओर लौट जाते हैं।
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