नजीबाबाद। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह सहित तीन अधिवक्ताओं के लाइसेंस पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिए। तीनों पर पद का दुरुपयोग और अधिवक्ताओं को मताधिकार से वंचित रखने का आरोप है।
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, पूर्व महामंत्री जितेंद्र राजपूत और वरिष्ठ अधिवक्ता अजय गोयल का पंजीकरण पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिया। अधिवक्ता पंकज विश्नोई, फहीम अहमद, हरपाल सिंह आदि ने वर्ष 2024- 25 के चुनाव में उन्हें मताधिकार से वंचित रखने संबंधी मामला बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजा था। आरोप है कि जांच उपरांत बार कौंसिल के आदेशों की अवहेलना की गई जिस पर बार काउंसिल ने तीनों के पंजीकरण पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिए गए। बार कौंसिल के फैसले के बाद अधिवक्ता न्यायालय, ट्रिब्यूनल अभिकरण एवं तहसीलों आदि में वकालत नामा निलंबन की निर्धारित सीमा में प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे।