बिजनौर। गांव भोगपुर में एक बच्चे के गुलदार के हमले में मरने व बाद में गांववालों के गुलदार को मारने के बाद वन विभाग चौकस हो गया है। गांव मोहंडिया के जंगल में जहां मादा गुलदार छिपी है वहां किसानों के गन्ना काटने पर रोक लगा दी गई है। किसानों को मादा गुलदार वाले क्षेत्र में अकेला जाने से भी रोका जा रहा है। विभाग नहीं चाहता है कि गांव भोगपुर जैसा हादसा मोहंडिया में भी हो। किसी इंसान या किसी गुलदार को नुकसान पहुंचे।
गांव मोहंडिया के जंगल में छिपी मादा गुलदार अब तक वन विभाग के हाथ नहीं आई है। वन विभाग मादा गुलदार को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। गांव भोगपुर में एक गुलदार द्वारा एक बच्चे को मारने के बाद गांववालों ने खेत में घेरकर मार डाला था। जंगल में दस दिन से घेरी जा रही मादा गुलदार इंसान को नुकसान पहुंचाए या इंसान मादा गुलदार को दोनों के बीच वन विभाग को ही शासन को जवाब देना होगा। वन विभाग ने हाल ही में गन्ना विभाग को पत्र लिखकर गांव के आसपास गन्ना जल्दी कटवाने की मांग की थी, लेकिन अब विभाग की योजना बदल गई है। मादा गुलदार मालन नदी की ओर वाले हिस्से में छिपी है। वन विभाग ने उस क्षेत्र में अभी किसानों से गन्ना न काटने के लिए कहा है। इसके अलावा उधर की ओर जाने से भी मना किया है। विभाग की टीम को जंगल में मुस्तैद किया गया है। जहां गुलदार छिपी है उस ओर कोई रास्ता नहीं है लेकिन फिर भी किसान खेतों में चले जाते थे। वन विभाग ने इन किसानों को एक दो दिन खेतों की ओर बिल्कुल न जाने को कहा है। इससे मादा गुलदार और इंसान दोनों तो सेफ होंगे ही साथ ही गुलदार को उनका प्राकृतिक आवास भी देने की कोशिश की जा रही है। गुलदार या अन्य कोई हिंसक जानवर इंसानी दखल को पसंद नहीं करते हैं।
किसानों को कर रहे सावधान
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक किसानों को काफी समय से सावधान किया जा रहा है। जिस तरफ मादा गुलदार छिपी है वहां पर किसानों से न जाने के लिए कहा गया है।