बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव टलने से राजनीतिक दलों की सरगर्मियां थम गई हैं। प्रत्याशी बनाने को लेकर चल रही मारामारी पर भी विराम लग गया है। उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाकियू और आजाद समाज पार्टी एक मंच पर आ गए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख चुुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जिले की सियासत गरमाई हुई थी। भाजपा व सपा से प्रत्याशी बनाने को लेकर होड़ मची हुई थी। भाजपा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी व आयुष चौहान प्रत्याशी पद के दावेदार हैं। दोनों के नाम भाजपा हाईकमान को भेजे गए हैं। उधर, सपा से रफी अंसारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी, शाहजहां, सरदार मनदीप सिंह समेत कई दावेदार हैं। सपा भी एक दो दिन में प्रत्याशी का एलान करने जा रही थी। पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना भी पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर ताल ठोक रही थीं। रविवार को आजाद समाज पार्टी व भाकियू जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर एक मंच पर आ गए हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, आजाद समाज पार्टी मंडल प्रभारी शमशाद सैफी व जिलाध्यक्ष नरेश फौजी ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद चाहते हैं जिले में गैर भाजपाई पंचायत अध्यक्ष बने। उन्होंने सपा और रालोद से भी उनके साथ आकर समर्थन देने की अपील की है। पंचायतीराज महामंत्री भूपेंद्र सिंह के कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव टलने की बात कहने से जिले में चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां थम गई हैं।