बिजनौर में बैराज के पुल से पैदल निकलते लोग। संवाद
- फोटो : भारतीय शास्त्रीय संगीत सिखाते हुए कलाकार।
बिजनौर। बिजनौर बैराज के पुल की मरम्मत के सिलसिले में बृहस्पतिवार को खराब हो चुके बेयरिंग को निकाला गया। अब इनका पेडस्टल बनाते हुए नए बेयरिंग लगाए जाएंगे। फिलहाल 100 टन का वजनी स्लैब जैक पर टिका हुआ है।
बृहस्पतिवार को सुबह से लेकर शाम तक बिजनौर बैराज में रामधारा के स्लैब की मरम्मत के लिए टीम जुटी रही। स्लैब के नीचे पिलर और गार्डर के बीच जैक लगाकर दो बेयरिंग निकाल लिए गए। बताया गया कि यह दोनों बेयरिंग बैराज निर्माण के समय साल 1984 में ही लगाए गए थे। तब से लेकर अब तक इन बेयरिंग को न ही बदला गया और न ही मरम्मत की जा सकी।
इसके चलते बेयरिंग पूरी तरह से खराब हो चुके थे। बेयरिंग खराब हुए तो स्लैब वाहनों के गुजरने से ही हिलने लगा। जिसके चलते आठ अगस्त को बैराज पुल वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था। अब सिर्फ बाइक और पैदल चलने वाले ही लोग निकल रहे हैं।
खैर, नेशनल हाईवे की ओर से बुधवार को पुल की मरम्मत का काम चालू कराया गया। बुधवार को जैक लगाने का काम ही हो पाया था जबकि बृहस्पतिवार को जैक लगने के बाद खराब हो चुके बेयरिंग को निकाला गया। शुक्रवार की सुबह बेयरिंग के आधार यानि पेडस्टल बनाए जाएंगे। कंक्रीट से बनने वाले पेडस्टल शाम तक अगर सूखकर मजबूत हो जाते हैं तो नए बेयरिंग लगा दिए जाएंगे।
गर्डर के एक सिरे पर नए बेयरिंग लगाए जाने के बाद दूसरे सिरे पर जैक लगाकर मरम्मत का काम होगा। बताया जा रहा है कि उक्त स्लैब में मरम्मत का काम अभी दो दिन और चल सकता है।