अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। परिवार का सदस्य या लाभार्थी होने पर ही आयुष्मान कार्ड बनता है मगर जिले में तमाम लोग फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवा रहे हैं। बिजनौर के एक परिवार के लोगों ने तो पांच जिलों में कार्ड बना डाले। वहीं पड़ोसी के राशन कार्ड में भी अपना नाम जुड़वाकर आयुष्मान कार्ड बनवा दिए गए। अब ऐसे लोग आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए सीएमओ कार्यालय में भटक रहे हैं क्योंकि वास्तविक लाभार्थी की सूची से उनका मेल नहीं हो रहा है। पिछले एक साल में जिले में करीब एक हजार इस तरह के फर्जी मामले पकड़ में आए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए लोग गलत तरीके से आयुष्मान कार्ड बनवा रहे हैं। कुछ लोगों ने तो शुरुआत में इसका लाभ तक ले लिया। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों ने अपनी पहचान तक बदल ली। जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नताशा ने बताया कि कोई पड़ोसी के राशन कार्ड में उसके परिवार का सदस्य बन गया तो किसी ने दूसरे जिले के पते पर आयुष्मान कार्ड बनवा लिया। सीएमओ कार्यालय में रोजाना 15 से 20 लोग फर्जी आयुष्मान कार्ड लेकर पहुंच रहे हैं। इसकी वजह यह है कि वे दूसरे परिवारों के सदस्य तो बन गए लेकिन नियमानुसार उनका कार्ड नहीं बन सकता है।
12 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बने
जिले में 19,07,449 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अभी तक करीब 12 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
इन तरीकों से बनवाए फर्जी आयुष्मान कार्ड
-दूसरे लोगों के राशन कार्ड में अपना और परिवार के सदस्यों का नाम जुड़वाया
-पड़ोसियों व अन्य परिचितों के परिवार का सदस्य दिखाकर पात्रता हासिल की
-अलग-अलग जिलों में अलग-अलग राशन कार्डों के आधार पर आयुष्मान कार्ड बनवाए
-फर्जी दस्तावेजों और गलत जानकारी के आधार पर योजना का लाभ लिया
केस-1
बिजनौर के गांव दरबाड़ा निवासी हीरो देवी का नाम दूसरे परिवार में जुड़ गया। अब उसका और उसके परिवार के लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। नाम हटवाने के लिए उस परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड लगना जरूरी है, जिसमें वह जुड़ी है। अव वह सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रही है।
केस 2
बिजनौर निवासी एक व्यक्ति ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम हरदोई, आंबेडकरनगर सहित पांच जिलों में फर्जी आयुष्मान कार्ड बनवाए। वह दूसरे लोगों के परिवार के सदस्य बन गए। अब वह लाभ के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा रहा है।
केस 3
नहटौर के मोहल्ला सराय तलेवाली निवासी यासमीन खातून ने आयुष्मान कार्ड निरस्त कराने के लिए सीएमओ कार्यालय में शपथ पत्र दिया। यासमीन के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति को आयुष्मान कार्ड जारी कर दिया गया। इससे उसका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है।
केस 4
किरतपुर के गांव फजलपुर हबीब निवासी मोहम्मद सद्दीक के आयुष्मान कार्ड में परिवार का विवरण गलत है, जिससे परिवार के लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। उसने यह आयुष्मान निरस्त कर नया आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सीएमओ कार्यालय में शपथ पत्र दिया है।
वर्जन:
कुछ लोगों ने गलत तरीके से योजना में शामिल होकर आयुष्मान कार्ड बनवा लिए। कुछ पात्र लोगों के स्थान पर दूसरे अपात्र लोगों द्वारा कार्ड बनाने के मामले पकड़ में आ रहे हैं। शपथ पत्र लेकर साचीस को जानकारी भेजी जा रही है। ....डॉ. राजेंद्र प्रसाद विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना, बिजनौर
यह हैं आयुष्मान कार्ड बनवाने के नियम
-2011 की आर्थिक जनगणना के अनुसार सूची में नाम होना चाहिए
-अंत्योदय कार्ड होने पर भी आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है
-राशन कार्ड में एक परिवार के छह सदस्य के नाम हैं तो भी आयुष्मान कार्ड बन सकता है
-यदि 70 वर्ष से अधिक उम्र है तो भी आयुष्मान कार्ड बनवाया जा सकता है