कोरोना पर वार, टीके के सुरक्षा घेरे में परिवार
बिजनौर। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में क्या हुआ, यह किसी से छिपा नहीं रहा। इसके बाद कोरोना की तीसरी लहर से पहले कोरोनारोधी टीका कारगर साबित हुआ। जिले में ज्यादातर परिवारों के सभी सदस्यों ने वैक्सीन लगवा ली है। जिले में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके सभी सदस्यों ने वैक्सीन लगवा ली और वैक्सीन के सुरक्षा घेरे में आ गए। अब 12 से 14 उम्र तक के किशोरों का वैक्सीनेशन शुरू होने पर टीका लगवा रहे हैं।
जिले में सभी उम्र के लोगों ने कोरोनारोधी टीका लगवा लिया है। इसके बाद अब 12 से 14 उम्र तक के किशोर भी खुद को सुरक्षित करने के लिए टीका लगवाने वैक्सीनेशन सेंटर पर पहुंच रहे हैं। वहीं जिले में 18 से 60 की उम्र तक के 2639247 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया था। जिनमें से 2661636 लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है, जो लक्ष्य से अधिक है। इसके साथ ही 2032349 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। वहीं 15 से 18 उम्र तक के 258290 किशोरों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से 223271 किशोरों को पहली डोज और 78148 किशोरों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगी है। इसके साथ ही अगर हम 12 से 14 उम्र तक के किशोरों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से 155999 किशोरों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा है। जिनमें से 22156 किशोरों को पहली डोज लग चुकी है।
परिवार में सभी लोगों को लग चुका है टीका
बिजनौर के मोहल्ला भाटान निवासी अंशुल अग्रवाल ने बताया कि परिवार में सभी को कोरोनारोधी टीका लग चुका है। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। उन्हें और उनकी पत्नी को तो पहले ही वैक्सीन लग चुकी है। मगर अब 12 से 14 उम्र तक के किशोरों का वैक्सीनेशन शुरू होने पर दोनों बेटियों श्री अग्रवाल और परिधि अग्रवाल को भी टीका लगवा दिया है। वैक्सीन लगवाने से ही कोरोना से बचा जा सकता है।
खुद को किया सुरक्षित
लायकपुरी निवासी बुजुर्ग दंपती रमेश और प्रभावती ने बताया कि परिवार में सभी सदस्यों ने वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित कर लिया है। उन्होंने दोनों डोज लगवा ली है, वह अपने कोरोना की बूस्टर डोज लगवाने आए हैं।
वैक्सीन ही एक मात्र उपाय
निहारिका ने बताया कि वह केपीएस इंटर कॉलेज में कक्षा 9 की छात्रा हैं। वैक्सीन को लेकर किसी तरह का कोई भय नहीं है। सभी को वैक्सीन लगवानी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन ही एकमात्र उपाय है।