बिजनौर। आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। तीन माह का मानदेय नहीं मिलने पर आशाएं कलक्ट्रेट में गरजीं। उन्होंने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा।
आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष संगीता देवी ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश की चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं में आशा की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक कार्य करने के बावजूद आशा एवं सगिनी की समस्याओं पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित संस्थागत प्रसव, बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिला का टीकाकरण, प्रसव पूर्व देखभाल, प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव, घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, परिवार नियोजन सहित अन्य योजनाओं का काम आशाओं सेे लिया जा रहा है।
इस संबंध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी कई बार समस्याओं को मिले। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय करने, आशाओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने, आशाओं के क्षेत्र में एक आशा आवास बनवाने, आभा आईडी एवं आयुष्मान कार्ड का भुगतान कराने, सभी कर्मचारियों की तरह आशाओं का जीवन बीमा करने, आशा संगिनी को क्षेत्र भ्रमण के लिए इलेक्ट्राॅनिक स्कूटी दिए जाने की मांग की। इस मौके पर रुचि चौहान, गीता, मोनिका चौधरी, कविता शर्मा, रेखा, माया, वसीम, प्रेमलता, अनीता, रजनी, पुष्पा आदि मौजूद रहे।
बिजनौर कलक्ट्रेट में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंची आशाएं। संवाद