बिजनौर। लगभग 60 साल पूर्व अमेरिका में जाकर बस गईं पूर्णिमा गुप्ता अपने पूर्वजों की निशानियां खोजने के लिए बिजनौर आई हैं। वे बिजनौर में अपने नाना और दादा के कार्य स्थल और निवास का पता लगा रही हैं।
इलाहाबाद में 13 अगस्त 1946 को जन्मी पूर्णिमा गुप्ता ने आईआईटी रुड़की से 1968 बी आर्क किया। उसके बाद वे अमेरिका चली गईं। पूर्णिमा ने बताया कि उनके नाना कृपाराम और दादा चरणदास मित्तल बिजनौर के जीआईसी में प्रधानाचार्य रहे। सेवाकाल में ही दोनों की उनके छात्रों ने हत्या कर दी थी। वह बताती हैं कि अपनी नानी और दादी के मुर्झाए चेहरे को भूल नहीं पाईं। वह नाना और दादा के निशानी खोजने बिजनौर आ गईं।
बताया कि चांदपुर निवासी उद्योगपति अरविंद मित्तल के कहने पर उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार अशोक मधुप से संपर्क किया। उन्होंने उनके नाना कृपाराम और दादा चरण दास मित्तल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें दादा के कत्ल की जगह नार्मल स्कूल (वर्तमान में राजकीय अंबेडकर बालिका छात्रावास) की बाउंड्री वॉल दिखाई।
1928 में हो गई थी कृपाराम की हत्या
उनके नाना कृपाराम की 41 साल की आयु में 1928 में कॉलेज के एक कक्ष में उनके ही एक छात्र फूल सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह छात्र विद्यालय के व्यायाम शिक्षक से नाराज था। फूल सिंह ने व्यायाम शिक्षक पर निशाना साधकर जैसे ही फायर किया तो प्रधानाचार्य कृपाराम बीच में आ गए थे। उन्होंने पूर्णिमा गुप्ता को बताया कि छात्र फूल सिंह को कुछ साल की सजा हुई। बाद में वह छूट गया था।
सन् 1942 में चरणदास मित्तल जीआईसी के प्रधानाचार्य थे। होली से पूर्व रंग की एकादशी का विद्यालय की सूची में अवकाश नहीं था। कुछ छात्र इस दिन अवकाश कराना चाहते थे। मांग के बावजूद प्रधानाचार्य ने अवकाश नहीं किया। इस पर छात्रों ने धरना शुरू कर दिया। इस पर प्रधानाचार्य ने 11 छात्रों को निलंबित कर दिया। पांच मार्च 1942 को प्रधानाचार्य चरणदास मित्तल साइकिल से स्कूल आ रहे थे। दो चपरासी भी उनके साथ थे।
जमील नामक छात्र ने प्रधानाचार्य को तत्कालीन नॉर्मल स्कूल के पास साइकिल से धक्का देकर खाई में गिरा दिया और फिर उनकी चाकू से हमला कर हत्या कर दी। छात्र जमील को नजीबाबाद से गिरफ्तार किया गया। उसे 31 जुलाई 1944 को बरेली जेल में फांसी दे दी गई।
पूर्णिमा गुप्ता लैंसडाउन के जहरीखाल के राजकीय इंटर कॉलेज भी गईं। यहां से चरणदास मित्तल 1942 में ट्रांसफर होकर बिजनौर आए थे। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर के जर्जर हो चुके भवन में चरणदास मित्तल के उद्यान परिसर में लगे शिलापट के साथ कुछ फोटो लीं। कॉलेज के प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह से कुछ पुरानी जानकारी भी ली।